मानव कल्याण मंच ने नगर के चार विद्यालयों के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को पुस्तकों व कापियों का नि:शुल्क वितरण किया
गौरव सिंघल,  देवबंद।  मानव सेवा को समर्पित मानव कल्याण मंच द्वारा नर सेवा नारायण सेवा के सूत्र को अपनाकर देवबंद नगर में वर्ष भर विभिन्न सेवा कार्य जनहित में किए जा रहे हैं। मासिक सेवा कार्य की इस कड़ी में मानव कल्याण मंच द्वारा गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी देवबंंद नगर के चार विद्यालयों के जरूरतमंद…
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उडूँगा
डाँ.  राजीव डोगरा,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।    मैं अभी और ऊंचा उठूंगा  याद रखना। ये तख़्त-ओ-ताज अपने नाम करुँगा  याद रखना। जो मोहब्बत हारी थी  वो भी अपने  नाम करुँगा  याद रखना। जो चेहरे आते हैं न  दूर-दूर नज़र  उनको भी अपने  करीब करुँगा  याद रखना। बहते थे न  जो अश्क  आंखों में  उनको कोहिनूर करूंग…
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अंतिम छाया
डाँ.  राजीव डोगरा,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बीते हुए वक्त में  बीता हुआ हर लम्हा याद आएगा। बन गई है जो जगह  आपके हृदय में  वो बीता हुआ हर कल और आज याद आएगा। मुक्त हो जाएगे  इस जहाँ से एक दिन और छुप जाएगे  आपके हृदय  की ओट में। फिर भी आपको  हर जगह हर वक़्त  हमारा साथ याद आएगा। उड़ जाऊंगा  क्षितिज प…
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विश्व चैंपियन देश बना
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सन दो हजार सात में,आया धोनी राज। टी ट्वेंटी के मेच में,देश बना सरताज।।1 फिर सन चौबीस में, रोहित किया कमाल। स्वर्ण पदक जीत लिया,जनजन है खुशहाल।।2 टास जीत निर्णय लिया,पहले बल्लेबाज। विराट विराट देखते, लंबी पारी आज।।3 एक छिहत्तर रन बना, बड़ा नहीं इस्कोर। ग…
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काव्य प्रेम
डाँ.  राजीव डोगरा,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कब किताबों के पनों से प्यार हो गया पता ही न चला। कब अल्फाज़ो का लफ्ज़ो से इकरार हो गया पता ही न चला। कब शब्दों को मात्राओंं से नूरी इश्क़ हो गया पता ही न चला। कब प्रकृति का मानव से आलिगन हो गया पता ही न चला। कब हिंदी की बिंदी ने प्रेम की अनुभूति करवा दी प…
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गर्माहाट
डाँ.  राजीव डोगरा,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बहुत अच्छा लगता है न  तुमको जीवों को  पका कर स्वाद से खाना। प्रकृति भी तो  पका रही हैं  अब तुमको  सूर्य की तप्त किरणों में। उसको भी तो  थोड़ा स्वाद आना चाहिए  तुम क़ो रुलाने में। बहुत अच्छा लगता है न  तुमको चुपचाप  अग्नि को सुलगा कर  वनों को  जलता हुआ द…
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बिरसा मुंडा चालीसा ( पुण्य तिथि पर विशेष)
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बिरसा मुंडा धन्य हैं, वनवासी कल्याण। वीर दिवाने देश के,जग करता गुणगान।। बिरसा मुंडा एक दिवाना। भारत को जिसने पहिचाना।।1 वन का बेटा संतो जैसा। पर उपकारी पेड़ों जैसा।।2 स्वावलंबी धीरज धारी। जंगल का था बड़ा खिलाड़ी।।3 पंद्रह नवंबर मास निराला। सन अट्ठारह पच…
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सत्यनारायण चालीसा
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। सतनारायण की कथा,व्रत पूजन गुणगान। इस्कंद रेवा खंड में,कहत हैं कवि मसान।। सतनारायण जयजय स्वामी। सुखदाता तुम जग कल्याणी।।1 मृत्यु लोक नारद मुनि आये। सारे मानव दुखिया पाये।।2 फिर विष्णु को हाल सुनाया। तब प्रभु नारद भेद बताया।।3 पांच पाठ की कथा पुरानी। सूत …
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पर्यायवाची शब्द चालीसा
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। कृष्ण कंहैया श्याम हरि, मोहन बृज गोपाल। दीनबंधु राधारमण, दुखहारक नंदलाल।। पर्यायवाची में लखो,बहु शब्दों का ज्ञान । भाषा की कर साधना ,कहत हैं कवि मसान।। सरस्वती भारति मां शारद। ब्रह्मासुत ज्ञानी मुनि नारद।।१ पवनतनय कपिपति हनुमाना। राघव  रघुवर  राजा रामा।…
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बदलाव
डाँ.  राजीव डोगरा,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। बरसती बारिश की तरह बरस मत जाना। रंगो के साथ खेलते हुए मोहब्बत के रंग रंग मत जाना। जिस्म की चाहत में रूह से मोहब्बत कर न बैठना। दिल्लगी करते-करते कही दिलदार बन न बैठना। आबाद करते हुए लोगो को इश्क़ में खुद महोब्बत में बर्बाद न हो जाना। युवा कवि व लेखक गां…
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नल-दमयंती चालीसा
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। युधिष्ठिर के दुख देख के,वृहदश मुनि समझाय। नल दमयंती कथा कहि,सुन पांडव हरषाय।। वीर सेन थे निषद नरेशा। सुंदर पूत भये नल एका।।1 वीर उदार पराक्रम भारी। एक बुराई कभी जुआरी।।2 एक दिना की सुनो कहानी। उपवन में नल घूमन आनी।।3 सुंदर जोड़ा हंसन देखा। चितवन चंचल रू…
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श्री शनिदेव चालीसा (शनि जयंती पर विशेष)
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। तिरवेणी उज्जैन में,शिपराजी के घाट। ढैया साढे सात है, कीजे शनि का पाठ।। जय जय देवा शनि महराजा। पूरण करते सबके काजा।।1 अग्नि पुराणा करे बड़ाई। देव तुम्हारी महिमा गाई।।2 पिंगल रोद्रा मंद शनैश्वर । सोरि छायासुत परमैश्वर।।3 चार भुजा अरु श्याम शरीरा। संतन रक्…
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बरसों न बादल
डाँ.  राजीव डोगरा,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। घनघोर बादल  कहां हो? मानव दानव के लिए न सही पर इस धारा के लिए सही  सब की प्यास  बुझा दो। तप्त ऊष्मा से मुझरा रही जो  प्रकृति रूपसी  उसको जरा अपने सीतल स्पर्श से  सहला दो। जीव जंतुओं के  सुख रहे जो कंठ सूर्य की तप्त किरणों से  उनको जरा  अपने नभ के  शीतल…
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मोबाइल है मेरा नाम
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। मोबाइल है मेरा नाम। आता हूं मैं सबके काम।।1 मार्टिन कूपर मुझे बनाया। सन तिहत्तर जग में आया।।2 की पेड मैं बनकर छाया। फिर आगे सेलो कहलाया।।3 थ्री फोर फाइव जी आया। रेम इस्टोर सभी बढ़ाया।।4 एपल आईफोन बनकर। धनिकों ने मुझे खिलाया।।5  समय समय पर टार्च जलाता। अ…
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हम नलखेड़ा के रहनेवाले (गौरव दिवस पर विशेष)
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।   सीधे सच्चे भोले भाले। बगलामुखी के भक्त निराले।। मालव माटी  खेलन हारे। देश धर्म को सदा विचारें।। संस्कृति  संस्कार वाले। हम नलखेड़ा के रहनेवाले।।1 अतिथियों के सत्कार वाले। संत महात्मा भक्तों वाले।। अच्छे स्वास्थ्य सेहत वाले। लोग मैया के मतवाले।। दाल बा…
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