लगातार बढ़ रहा हिन्दी का उपयोग
शि.वा.ब्यूरो, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के हिन्दी विभागाध्यक्ष नवीन चन्द लोहानी द्वारा देश में नयी शिक्षा नीति लागू होने के एक वर्ष पूर्ण  होने पर @हिन्दीगीरी भाषा के सवाल और नई शिक्षा नीति विषय पर वर्चुअल चर्चा आयोजित हुई। वर्चुअल चर्चा में समाज सेवी मोहन लाल वर्मा ने कहा कि हमारा देश भारत विविधताओं से भरा हुआ सघन आबादी वाला देश है, जहां क्षेत्रीय भाषाओं का अपना महत्व है।  हर्ष का विषय है कि नयी शिक्षा नीति में हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में अध्ययन-अध्यापन पर जोर दिया गया है। विश्व की 20% आबादी भारत में रहती है, इसलिए हमारा देश विश्व का बहुत बड़ा उपभोक्ता बाजार भी है इसीलिये सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों विज्ञापन में हिन्दी का सहारा लेती हैं। प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में हिन्दी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी, गृहम॔त्री अमित शाह सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आदि अनेकों शीर्ष राजनेता गैर हिन्दीभाषी होते हुए भी जनसंपर्क अभियान में हिन्दी का उपयोग कर रहे हैं।
देश में बढ़ते तकनीकी विकास का उपयोग हिन्दी भाषा के विकास के लिए भी किया जा रहा है। कोरोनाकाल के कारण नयी शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में भले ही विलम्ब हो गया हो, लेकिन अब शिक्षाविदों एवं नीति निर्धारकों को छात्र छात्राओं को क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ हिन्दी भाषा को महत्व देते हुए भाषाई विवाद समाप्त करने के लिए सार्थक प्रयास करना चाहिए।  उम्मीद है कि आज की चर्चा में शामिल शिक्षाविदों के विचारों को महत्व दिया जाएगा और नयी शिक्षा नीति में हिन्दी का वर्चस्व बढ़ेगा।