जमानत राशि नहीं जमा करने पर निर्दल प्रत्याशी मनीष चौधरी ने सम्बन्धितों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने के लिए कमर कसी

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। विधानसभा के लिए हो रहे उप चुनाव में अपना दाखिल करने पंहुचे निर्दल प्रत्याशी ने अपनी जमानत राशि को जमा नहीं करने पर सम्बन्धितों के खिलाफ राष्ट्रदोह का मुकदमा दर्ज कराने सहित उन्हें सेवा से बर्खास्त कराने के लिए कमर कस ली है।

बता दें कि विधान उपचुनाव के लिए हुए नामांकन के अन्तिम दिन अपने समर्थकों से एक-एक रूपया एकत्रित करके निर्दल प्रत्याशी मनीष चौधरी जब नामांकन की धनराशि जमा करने बैंक पहुंचे तो बैंक अधिकारियों ने चिल्लर जमा करने से साफ मना कर दिया। लाख गुहार लगाने के बाद भी जब बैंक वाले नहीं पसीजे तो वह निर्दल प्रत्याशी रिटर्निंग अफसर के पास पहुंचा और जमानत राशि जमा कराने की गुहार लगायी, लेकिन नामांकन का समय निकल जाने के बाद भी उसकी जमानत राशि नहीं जमा हो पायी। इससे गुस्साया निर्दलीय प्रत्याशी वहीं धरने पर बैठ गया, जिसे पुलिस-प्रशासन ने जबरन वहां से उठा दिया।

निर्दल प्रत्याशी मनीष कुमार चौधरी ने कहा कि वे इस मामले को चुनाव आयोग व कोर्ट से लेकर सम्बन्धित सभी पटल पर उठायेंगे। उन्होंने कहा कि जमानत राशि के रूप मैं उनके छोटे सिक्कों को जमा नहीं करके बैंक व रिटर्निग अफसर सहित सम्बन्धित लोगों सरकारी करेंसी का अपमान किया है, जो सीधे-सीधे राष्ट्रद्रोह की श्रेणी का अपराध है। उन्होंने कहा कि वे इसे कोर्ट व चुनाव आयोग सहित सभी मंचों पर उठायेंगे और प्रेसवार्ता करके अफसरों की धींगामुश्ती को लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के माध्यम से आमजन को अवगत करायेंगे। उन्होंने दावा कि उन्होंने लगभग दस हजार परिवारों से एक-एक रूपया एकत्रित करके पूरे परिवार की वोट का आश्वासन प्राप्त कर रखा था। उन्होंने बताया कि यदि परिवार में वोटों का औसत पांच भी लगाया जाये तो अभी तक उन्हें पचास हजार वोट प्राप्त होने का आश्वासन प्राप्त हो गया था। उन्होंने बताया कि वे जीत के लिए काफी आशान्वित थे, शायद इसीलिए जिला प्रशासन ने दबाव में आकर जबरन उन्हें नामांकन करने से रोका गया है।