सुबह- सवेरे

प्रियंका गुप्ता पथिक, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

उठो उठो अब आंखे खोलो
सबसे प्यारी बातें बोलो
सूरज जगा हुआ प्रभात
ढल गई है सारी रात
चिड़िया ने फिर गाना गाया
सबके मन को खुब हर्षाया
बच्चे चले स्कूल की ओर
जिनके हाथों भविष्य की डोर
चलो चलो अब जागो प्यारे
उज्जवल होंगे भाग्य तुम्हारे
मेंटल हेल्थ काउंसलर, नई दिल्ली