एडवाइजरी अधिनियम 1955 धारा 3/7 की उड़ रही है धज्जियां

सतेन्द्र उज्जवल, मुजफ्फरनगर। दवा की कालाबाजारी करने वाले कुछ दवा विक्रेताओं के द्वारा शासन के द्वारा जारी की गई हैंड सैनिटाइजर एवं नोज मास्क को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 की एडवाइजरी को सिरे से नकारते हुए मुजफ्फरनगर कैमिस्ट एंड ड्रग्सिट एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप पर शासन को अनदेखा करके अधिनियम की अवहेलना की गई, जिसमें विजेंद्रर शर्मा जो अपने आप को स्वयंं महामंत्री कहता था और उसी के साथ लगे दूसरे दबंग लोग, जिसमें रजनीश शर्मा इत्यादि ने भी अपनी दबंगई ग्रुप पर दिखाई और एडवाइजरी की प्रमाणिकता को नकार दिया, जबकि राष्ट्र बहुत बड़ी विपदा से गुजर रहा है। उक्त महामारी से लड़ने के लिए शासन पूर्णतया कमर कसे हुए हैं, परंतु कुछ दवा कारोबारी लालच के वशीभूत होकर राष्ट्र भावना को छोड़कर शासन की नीतियों के विरुद्ध अधिनियम(1955 धारा 3/7) की पूर्णतया धज्जियां उड़ा रहे हैं। इनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई होना आवश्यक है।