तहसीलदार के साथ मारपीट के मामले में सांसद व उसके समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में


शि.वा.ब्यूरो, कन्नौज। तहसीलदार के साथ गाली-गलौच करने व समर्थकों के साथ मारपीट करने के मामले में उपजिलाधिकारी की सक्रियता के चलते रिपोर्ट तो दर्ज हो गयी, लेकिन कोरोना वायरस की जंग की आड़ लेकर आरोपी सांसद के खिलाफ कोई कदम उठाने में जनपद का पुलिस-प्रशासन बर्फ की तरह ठंडा पडा हुआ है।
ऐसे समय में जब पूरा देश कोरोना से निपटने की जुगत में लगा हुआ है, ऐसे में सत्ता के नशे में चूर एक सांसद ने अपने पद की गरिमा को तार-तार करते हुए एक जिम्मेदार सरकारी अफसर के साथ न केवल गाली-गलौच की, बल्कि अपने समर्थकों सहित अफसरों को उसके आवास में स्थित कार्यालय में गिरा-गिरा का पीटा भी। इसके बाद भी गलती का अहसार करना तो दूर, उस पर तुर्रा ये कि अकेले अफसर ने उनके 25-30 समर्थकों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं सांसद ने तहसीलदार पर दबाव बनाने की नीयत उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने की नाकाम कोशिश भी की।




इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बसपा सुप्रीमों मायावती ने कन्नौज के भाजपा सांसद द्वारा दलित तहसीलदार के साथ मारपीट की घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से सांसद के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है। मायावती ने गुरुवार को ट्वीटर के माध्यम कहा- “उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में अपनी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे एक दलित तहसीलदार के साथ अभी हाल ही में, वहां के बीजेपी सांसद ने जो मार-पीट व दुव्र्यवहार आदि किया है, यह अति शर्मनाक है। उन्होंने आगे लिखा-लेकिन दुरूख की बात यह है कि यह सांसद अभी भी, जेल में जाने की बजाय बाहर ही घूम रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में दलित कर्मचारियों में जबर्दस्त रोष व्याप्त है। ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिये कि वे इस मामले में जरूर सख्त कदम उठायें ताकि यह सांसद आगे कभी भी ऐसी हरकत ना कर सके। बसपा सुप्रीमों ने एक अन्य ट्वीट में लिखा-पूरे प्रदेश में, खासकर दलित कर्मचारियों के साथ, आगे ऐसा कोई भी बर्ताव ना हो तो इसके लिए भी, इनको अपने इस सांसद के विरूद्घ तुरन्त कठोर कार्यवाही करनी चाहिये। बसपा की यह मांग है।
बता दें कि तहसीलदार अरविन्द कुमार ने सांसद सुब्रत पाठक पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए उन पर मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सांसद ने आरोपों से इनकार किया है। एडीएम और एसडीएम सदर की मौजूदगी में तहसीलदार का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। तहसीलदार अरविन्द कुमार ने बताया कि सांसद सुब्रत पाठक की ओर से उन्हें अनाज वितरण की सूची भेजी गई थी। उन्होंने नायब तहसीलदार को सूची देकर जल्द वितरण को कह दिया था। सांसद का फोन आया और राशन न पहुंचने की बात कही। अरविंद कुमार ने नायब तहसीलदार को सूची दे देने की बात बताई। आरोप है कि सांसद गाली-गलौज कर तहसीलदार को धमकी देने लगे। इसके बाद सांसद 20-25 लोगों के साथ उनके आवास पर पहुंचे और दरवाजा पीटने लगे। तहसीलदार बाहर आए। तहसीलदार के अनुसार आवास में ही बने उनके कार्यालय में सांसद उनकी कुर्सी पर बैठे थे। सांसद के राशन न देने की वजह पूंछने पर वह सफाई देने लगे तो मोबाइल छीनकर हमला कर दिया।