स्कूली शिक्षा की बारहमासी
डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
पंद्रह जून को सदा, शाला उत्सव जान।
माथे तिलक लगाइये, शारद का हो गान ।।1
पुस्तक दीजे हाथ में, खीर पुड़ी भी साथ।
गुरु शिष्य मिल बांचिये, लेके दोनों हाथ।।2
मास जुलाई लागते, शाला ड्रेश सिलवाय ।
जूते मौजे साथ में ,साथ-साथ पहनाय।।3
बैक खाता खोल के, फिर कूपन मंगवाय।
आयुष कार्ड योजना,पंजी में लिखवाय।।4 
मास अगस्ता मध्य में,लो झंडा फहराय।
मीठा नमकिन भोज दे, सभी पेट भर खांय।।5
सितंबरा में सायकल, देना तुम बँटवाय ।
समग्र अधार योजना, सही सही लिखवाय।।6
अक्टूबर के मंथ में, स्वच्छता अभियान ।
मास नवम्बर छात्रवति, कहते कवी मसान ।।7
दिसम्बरा के अंत में, प्रतिभा पर्व महान।
जनवरीगणतंत्र दिवस, करे राष्ट्र सम्मान।।8
फरवरी के आखरी, पूरे हो सब पाठ।
मार्च परीक्षा लीजिए,मर्यादा के साथ।।9
अप्रैल माह में सदा, ऑडिट लो करवाय।
रिजल्ट भी पूरा करो, सबको दो सुनवाय।।10
आरटीइ कानून का, सदा करो सम्मान ।
बलिहारी गुरु आपकी, सोलह आना पास ।।11
मई महीना ग्रीष्मका, सर्वे घर-घर आन।
बारह मासी गाइये, कहते कवी मसान ।।12
दरबार कोठी 23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश
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