अपने सुभाष बाबू

डॉ. अवधेश कुमार "अवध", शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

नेताजी  दिल  में बसते थे, बसे रहेंगे,
नेताजी से विमुख नहीं हम होने वाले।

खोया था हमने सुभाष को नेताजी को,
पुनः नहीं उनकी यादें हम खोने वाले।

धोया था जिसने माथे से स्याह दाग को,
उसके अहसानों को हम ना धोने वाले।

जिसने भारत नहीं विश्व को आजादी दी,
उसे भूल हम नहीं चैन से सोने वाले।।
साहित्यकार व अभियन्ता मैक्स सीमेंट, ईस्ट जयन्तिया हिल्स मेघालय