संस्कार भारती ने बाबा योगेंद्र का जन्मदिवसदिव्यता से मनाया

गौरव सिंघल, सहारनपुर। संस्कार भारती द्वारा आराधना के अंतर्गत बाबा योगेंद्र का जन्मदिवस द्वीप प्रज्वलन पुष्पांजलि अर्पण कर दिव्यता से मनाया गया। कार्यक्रम में विशेष सानिध्य विभाग संयोजक डॉ लोकेश वत्स सरल गुरुजी, अध्यक्षता जिला संरक्षक एससी शर्मा ने की व संचालन वीके कश्यप ने किया। इस अवसर पर सर्वप्रथम विभाग संयोजक डॉ लोकेश वत्स सरल गुरु जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

वक्ताओं ने बाबा योगेंद्र जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला व राष्ट्र के लिए संघर्ष करने वाले क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए गीतों के माध्यम से सुंदर भाव प्रस्तुत किए गए। बाबा योगेंद्र जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए विभाग संयोजक डॉ लोकेश वत्स सरल गुरुजी ने कहा कला साधकों को एक उचित मंच पर लाने के लिए युगपुरुष पदम श्री बाबा योगेंद्र ने संस्कार भारती की स्थापना की थी, उन्होंने लखनऊ में संघ शिक्षा वर्ग का प्रशिक्षण 1942 में लिया था, उन्होंने प्रचारक का दायित्व 1945 में ग्रहण किया। उनका जन्म सन 1924 में 7 जनवरी को बस्ती जिले में हुआ था, चित्रकला के क्षेत्र में उन्हें बहुत रूची थी, उन्होंने अखंड भारत और कश्मीर विभाजन, देश दर्शन गौ रक्षा प्रदर्शनी कुंभ मेला गौ रक्षा प्रदर्शनी, स्वतंत्रता संग्राम प्रदर्शनी धर्म गंगा प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम एवं 1997 से 1999 के बीच 2500 साधकों को सम्मानित किया। 

बाबा ने कला साधकों को और उनकी कला को उचित सम्मान संरक्षण आदि के लिए संस्कार भारती की स्थापना की सभी कलाकारों को संस्कार भारती से जुड़कर मिलकर के राष्ट्र निर्माण में कला के माध्यम से सहायता करनी चाहिए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मुकुल गुप्ता ने कहा कलाकार होना कोई सामान्य बात नहीं है कलाकार मे कला का गुण ईश्वर कि देन है, कलाकारों का सम्मान व प्रोत्साहन करना आवश्यक है, कलाकारों को राष्ट्रप्रेम की भावना से जुड़कर के संस्कार भारती के पटल पर आकर अपनी कला का प्रदर्शन कर आगे बढ़ना चाहिए।

इस अवसर पर कोषाध्यक्ष स्तुति शर्मा ने कहा कला को धन के बल पर नहीं खरीदा जा सकता। कला की देवी मां शारदे की जिस पर विशेष कृपा होती है उसके अंदर ही कला का भाव, कला का गुण उत्पन्न होता है। कलाकारों को उचित सम्मान व संरक्षण आवश्यक है। इस संदर्भ में समाज को विशेष सहयोग व  योगदान कलाकारों के लिए देना चाहिए। अंत में अध्यक्षता कर रहे जिला संरक्षक एससी शर्मा ने कहा कलाकारों को संस्कार भारती से जुड़कर अपना व अपनी कला का उचित प्रदर्शन करने का सम्मानित आधार मिलता है। संस्कार भारती कलाकारों को एक ऐसा पटल प्रदान करती है जहां से उनकी कला में निखार आता है। लोक कला के मास्टर सेवाराम ने अपने भावपूर्ण गीत गायन से कार्यक्रम का गौरव बढ़ाया।

इस अवसर पर विजेंद्र कश्यप, रविंद्र कुमार एडवोकेट, कौशिकी शर्मा, विदिता चौरसिया, पृथु शर्मा नितिन कुमार वीरेंद्र प्रताप सिंह आदि अनेकों कलाप्रेमी व संस्कार भारती के सदस्य उपस्थित रहे।