माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस दो दिसम्बर को, होगा भव्य कार्यक्रम

गौरव सिंघल, सहारनपुर। माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर हृदय शंकर सिंह ने आज अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आगामी दो दिसम्बर को विश्वविद्यालय की आधारशिला जो गतवर्ष देश के गृहमंत्री अमित शाह एवं प्रदेश मुखिया योगी आदित्यनाथ के कर कमलो से रखी गई थी,को दो दिसम्बर 2022 को एक वर्ष पूर्ण होगा। उसी सम्बन्ध में विश्वविद्यालय द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। कुलपति प्रोफेसर एच.एस. सिंह ने बताया कि संप्रति विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र में जनपद सहारनपुर सहित मुजफफरनगर एवं शामली तीन जिले आते हैं तीनो जनपदों के 215 महाविद्यालय विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है। साथ ही अवगत कराया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र से चार नवीन महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय द्वारा सम्बद्धता प्रदान की गयी। कुलपति प्रोफेसर श्री सिंह ने बताया कि मूलभूत सुविधाओं एवं संसाधनों के अभाव के बावजूद माँ शाकम्भरी विश्वविद्यालय द्वारा ग्रेजुऐट एवं पोस्ट ग्रेजुऐट (संस्थागत एवं व्यक्तिगत) के साथ ही सेमेस्टर परीक्षाओं का सफलतापूर्वक सम्पादन कर बहुत कम सीमित समय में उसका मूल्यांकन कराकर परीक्षाफल रिकॉर्ड समय में घोषित किया। साथ ही संस्थागत (ग्रेजुऐट एवं पोस्ट ग्रेजुऐट) सेमेस्टर परीक्षाओं का आयोजन कर उनका मूल्यांकन कार्य भी सम्पन्न कराया जा चुका है और स्नातक संस्थागत के परीक्षा परिणाम भी घोषित किये जा रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से विश्वविद्यालय द्वारा अपने स्तर से प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ की गयी और अधिकांश पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो भी चुकी है। साथ ही शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु केन्द्रों का निर्धारण एवं शोध पर्यवेक्षक अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है। आगे उन्होंने कहा पीएचडी हेतु प्रवेश प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होगी। 

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षिक कार्यो को शुरू करने के लिए अलग-अलग शैक्षिक विभागो की स्थापना हेतु विश्वविद्यालय कार्य परिषद की अनुमति के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजे जाने की प्रक्रिया भी जारी है। कुलपति प्रोफेसर  सिंह ने अवगत कराते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रोवर्स-रेंजर्स से जुड़ी गतिविधियां भी जारी है तथा शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय द्वारा शारीरिक शिक्षा एवं विभिन्न क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर दिया गया है और अन्य पाठ्यक्रमों को संचालित करने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। आशा है कि इसके संचालित होने से युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के बेहतर विकल्प मिलेंगे। प्रोफेसर सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालय के समक्ष अनुभवी एवं कुशल कार्मिकों की कमी एक बड़ी चुनौती है। फिर भी सीमित संसाधनों के चलते विश्वविद्यालय प्रत्येक गतिविधि को सफलतापूर्वक संचालित करने का प्रयत्न कर रहा है। इसके लिए उन्होंने शासन से कर्मचारियों व अधिकारियों के पर्याप्त पदों के सर्जन एवं नियुक्ति के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अंत में उन्होंने अवगत कराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का पचास एकड़ भूमि में भवन निर्माण कार्य जारी है। जिसके अन्तर्गत प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन के अतिरिक्त कुलपति आवास व अन्य निर्माण तीव्र गति से चल रहे हैं और आशा है कि प्रथम चरण का कार्य 23 फरवरी तक पूरा हो जायेगा। इस दौरान कुलपति प्रोफेसर हृदय शंकर सिंह के अलावा कुलसचिव विरेन्द्र कुमार मौर्य, वित्त अधिकारी सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ. विपिन कुमार गिरि एवं प्रवीण कादयान आदि उपस्थित रहे।