श्रीराम कॉलेज में 15 दिवसीय टैक्सटाइल कार्यशाला आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज में ललित कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए 15 दिवसीय टैक्सटाइल कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य टैक्सटाइल कम्पनियों में नवीनतम तकनीकों से रूबरू कराने और वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन कराना है।

इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता नीट्रा ब्रांच से टैक्निकल हेड संजीव नारंग ने व्याख्यान में विद्यार्थियों को टैक्सटाइल क्वालिटी चेकिंग के बारे में उल्लेखनीय जानकारियां देकर वर्तमान तकनीकों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘थ्योरी एवं पै्रक्टीकल एंड टेस्टस ऑन मशीन‘ जैसे कलर फास्टनेस, बलेन्ड कम्पोजिशन, डाईमेन्शनल चेंज, वेटाबिलिटी, मोयश्चर कंटेन्ट, ऑयल कंटेन्ट, यार्न काउंट, सीएसपी, फैबरीक काउंट, टेन्साइल स्ट्रेन्थ एवं एलोंगेशन, टियर स्ट्रेन्थ, थिकनेस, थ्रेड डेन्सिटी, जीएसएम, जीएलएम, पिलिंग रेसिसटेन्स, क्रीज रिकवरी एंगल, फैबरीक स्टिफनेस इत्यादि की महत्वपूर्ण जानकारियाँ विद्यार्थियों को दी। उन्होंने विद्यार्थियों को कपड़ों के परीक्षण को दो भागों में सिखाया। पहले भाग में कपड़ों की मशीनों के द्वारा फिजिकल टेस्टिंग तथा दूसरे भाग में कैमिकल टेस्टिंग के बारे में बताया।
संजीव नारंग ने बताया कि टैक्सटाइल इंडस्ट्री में ‘होम फर्निशिंग‘ एवं ‘वोवेन फैबरीक‘ आदि क्षेत्रों में नौकरी के अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। वर्तमान परिदृश्य में टैक्सटाइल के क्षेत्र में स्थान बनाने के लिए विद्यार्थी किस प्रकार की तकनीकि का प्रयोग करें इस पर भी उन्होंने विस्तारपूर्वक जानकारी दी और भविष्य में आने वाली चुनौतियों से मुकाबला करने के गुर बताये।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं संस्थान के चेयरमैन डॉ0 एस0 सी0 कुलश्रेष्ठ ने मुख्य वक्ता संजीव नारंग से अपेक्षा कि वे इसी प्रकार ललित कला विभाग में अपना योगदान प्रदान करते रहें। ललित कला विभाग के निदेशक डॉ0 मनोज धीमान ने विद्यार्थियों को संजीव नारंग जी का विस्तारपूर्वक परिचय भी दिया तथा विद्यार्थियों को शोध केन्द्र, नीट्रा ब्रांच, गाजियाबाद का शैक्षिक भ्रमण संजीव नारंग द्वारा कराया। 
विभागाध्यक्ष रूपल मलिक ने मुख्य वक्ता संजीव नारंग का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में मीनाक्षी काकरान, रजनीकांत, बिनु पुंडीर, अनु, रीना त्यागी, हिमांशु गौतम, मीनाक्षी काकरान, मयंक सैनी, अजीत कुमार एवं शर्मिष्ठा आदि मुख्य रूप सेउपस्थित रहे।