एसडी काॅलेज ऑफ काॅमर्स में विज्ञान व माइक्रोबायोलोजी स्नातक के छात्रों ने किया बायोगैस संयंत्र का औद्योगिक विजिट

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी काॅलेज ऑफ काॅमर्स में बीएससी (विज्ञान व माइक्रोबायोलोजी) के छात्र-छात्राओं ने खतौली स्थित बायोगैस संयंत्र का औद्योगिक दौरा किया। महाविद्यालय प्राचार्य डा0 सचिन गोयल ने सभी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को औद्योगिक दौरे के लिए रवाना किया। 

बायोगैस संयंत्र के प्रबन्धक दीपक सोम ने छात्र-छात्राओं को बताया कि मैसर्स पीएस ग्रीनगैस एवं आईजीएल द्वारा संचालित किया जाता हैं। उन्होंने बताया कि यह संयंत्र जनपद का सबसे बडा बायोगैस संयंत्र हैं, जिससे बायो खेती के लिए आॅर्गेनिक खाद तैयार होती है। उन्होंने बताया कि बायोगैस में 55 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक मिथेन गैस होती है, जो ज्वलनशील है। उन्होंने बताया कि बायोगैस प्लांट से प्राप्त गैस का उपयोग भोजन पकाने व रोशनी करने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 5500 किलो बायोगैस उत्पादन की है, जिसे कंप्रेस्ड रूप में आईजीएल द्वारा खरीदा जाता है। उन्होने पूरे संयंत्र का भ्रमण भी कराया व संयंत्र से सम्बन्धित अधिक जानकारी छात्र-छात्राओं को दी।

विभागाध्यक्ष डा0 सौरभ जैन ने बताया कि संयंत्र में कुंआनुमा डाईजेस्टर होता है, जिसके ऊपर एक ड्रम होता है, जहां गैस इकठ्ठा होती है। उन्होंने बताया कि डाईजेस्टर में गोबर, पानी एवं जैविक अपशिष्ठ का मिश्रण 40 दिनांे तक रखा जाता है। उन्होंने बताया कि इसके पश्चात मिथेनोबैक्टर नामक जीवाणु उस मिश्रण में आवश्यक संख्या में उत्पन्न होते हैं और मिश्रण को विघटित करते हैं। उन्होंने बताया कि संयंत्र में एक इनलेट व ऑउटलेट भी होता है, जिसके माध्यम से संयंत्र का अपशिष्ट (स्लरी) बाहर निकलती है, जिससे ऑर्गेनिक खाद तैयार होती हैं। उन्होंने बताया कि अंत में ड्रम में एकत्रित हुई गैस को एडजोरबर के माध्यम से कम्प्रेस करके सलेण्डर में भरा जाता हैं। छात्र-छात्राओं ने इस एक दिवसीय दौरे को ज्ञानवर्धक बताया। 

इस अवसर पर डा0 सौरभ जैन, डा0 बुशरा आकिल, डा0 ज्ञानेन्द्र, डा0 नीरज कुमार, डा0 महेन्द्र कुमार, डा0 मोनिका रूहेला, रजत धारीवाल, मोनिका पंवार, गौरव बालियान, शिखा पाल, तनु सिंह, वंशिका गुप्ता, दीपक कुमार, रविश कुमार व अनमोल मिश्रा आदि का सराहनीय सहयोग रहा।