मुजफ्फरनगर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने की फैंसीड्रिल और स्पास्मो प्रॉक्सीवोंन कैप्सूल एवं अन्य नशीली दवाओं के सात साल के क्रय-विक्रय के भौतिक सत्यापन की मांग

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। ओसीडी यूपी की जनपद शाखा की बैठक में हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रहे नकली और नशीली दवाओं के प्रचलन पर चिंता व्यक्त की गई।

बैठक में इस बात पर चिन्ता  व्यक्त की गयी कि इस ओर बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद जनपद का औषधि प्रशासन विभाग किसी भी प्रकार की कोई भी प्रभावी कार्यवाही नहीं कर रहा है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विभाग की इस लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के विपरीत नकली और नशीली दवाइयों के उपयोग के कारण जन मानस के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा तो उत्पन्न हो ही रहा है, साथ ही सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है।

मुजफ्फरनगर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक डाॅ. आरके गुप्ता ने कहा हम प्रशासन से मांग करते हैं कि नकली एवं नशीली दवाओं को बेचने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और जिले में फैंसीड्रिल और स्पास्मो प्राॅक्सीवोंन कैप्सूल आदि के विक्रेताओं की क्रय विक्रय की सात साल का विवरण ब्यौरा मांग कर उन क्रय विक्रय बिलों का भौतिक सत्यापन जिले से बाहर की टीमों से करवाया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुसार जीरो ड्रग अभियान सफल हो सके। 

संस्था के चेयरमैन प्रमोद मित्तल ने आमजन से आहवान किया कि दवाइयों का क्रय-विक्रय अधिकृत दवा विक्रेता से ही करें। इस अवसर पर ओसीडी यूपी के प्रदेश महामंत्री सुभाष चैहान, कोषाध्यक्ष ओसीडी यूपी सतीश तायल, जिला महामंत्री संजय गुप्ता, मनोज गर्ग, दिव्य प्रताप सोलंकी, सुबोध जैन, मुकेश सोम, कुलदीप शर्मा, पंकज तनेजा, संदीप चैहान आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।