जिलाधिकारी ने की स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा, आवश्यक निर्देश दिए

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जनपद रैंकिंग, आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पंजीकरण, जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थी व आशा भुगतान, क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम, कोविड टीकाकरण की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यक्रमों में लक्ष्य के सापेक्ष गुणात्मक उपलब्धि सुनिश्चित की जाए। खराब प्रगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा- किसी भी अस्पताल में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए परिसर की साफ-सफाई आदि के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा अस्पतालों में मरीजों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि  एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान, सात से 21 अक्टूबर तक दस्तक अभियान के तहत घर-घर सर्वे कर फ्लू, खांसी, बुखार के रोगियों व कुपोषित बच्चों की जांच की जाये। बैठक में विभिन्न विभागों तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, पंचायती राज/विभाग, पशुपालन विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग आदि के द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी विस्तार से देते हुए कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि संचारी रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को या पशुओं से इंसान को हो सकता है। टीवी, डिप्थीरिया, रैबीज, टिटनेस तथा हेपेटाइटिस आदि बीमारी संचारी रोगों की श्रेणी में आती हैं। यह बीमीरियां दूषित हवा से, दूषित पानी से, दूषित खाना खाने से तथा मच्छरों के काटने से होती है। दस्तक अभियान में फिजिकल डिस्टेंसिंग, हाथों की धुलाई और मास्क की अनिवार्यता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य कार्यकर्ता सावधानी रखते हुए लोगों को मलेरिया, डेंगू एवं कोरोना से बचाव के बारे में बेहतर तरीके से जागरूक कर सकें। आशा तथा आंगनबाड़ी  कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपाय, लक्षण एवं निकटतम स्वास्थ्य केंद्र के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दिमागी बुखार के लक्षणों एवं उपचार के विषय में समुदाय को जागरूक किया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संदीप भागिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. महावीर सिंह फौजदार, संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।