मजहबी जूनून में
डॉ. अ. कीर्तिवर्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।  
अपने तजुर्बात पे परखकर, 
प्रतिक्रिया करना,
सियासतदानों की बात पे 
इंतकाम मत करना।
कमीने-कमजर्फ, 
लाशों की सियासत करते हैं,
मजहबी जूनून में, 
पडोसी पे आघात मत करना। 
विद्यालक्ष्मी निकेतन, 53-महालक्ष्मी एन्क्लेव, मुज़फ्फरनगर उत्तर प्रदेश