एक राष्ट्र हो एक क़ानून

डॉ. अ. कीर्तिवर्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

एक राष्ट्र हो एक क़ानून, 
समान नागरिक संहिता,
धर्म सभी के जुदा जुदा, 
एक हो संविधान संहिता।
सबको शिक्षा एक समान, 
स्वास्थ्य पर सबके ध्यान,
धर्म सिखाये ज्ञान की बातें, 
मत थोपो धर्म संहिता।
विद्यालक्ष्मी निकेतन, 53-महालक्ष्मी एन्क्लेव, मुज़फ्फरनगर उत्तर प्रदेश