पुस्तक

डॉ. अ. कीर्तिवर्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। 

ज्ञान है विज्ञान है, अध्यातम है पुस्तक,
सृष्टि के कण- कण का, प्राण है पुस्तक।
देव दानव, किन्नरों की, पहचान है पुस्तक,
माँ बहन, बेटी पत्नी का, सम्मान है पुस्तक।
मंदिर मे गीता रामायण, पुराण है पुस्तक,
मस्जिद गुरूद्वारे, चर्च की शान है पुस्तक।
बीते हुए युगों की शान, दास्तान है पुस्तक,
अतीत है भविष्य है, वर्तमान है पुस्तक।
कर्मों का लेखा जोखा, निदान है पुस्तक,
जीवन के पल-पल का, विधान है पुस्तक।
इज्ज़त है आबरू है, मेरा ईमान है पुस्तक,
पूजा पाठ, धर्म-कर्म, और दान है पुस्तक,
ईश्वर की भक्ति का, गुणगान है पुस्तक।
मेहनत का फल मिलता, सम्मान है पुस्तक,
चोर उच्चकों, बेईमानों का अपमान है पुस्तक।
राणा शिवा और लक्ष्मी की, शान है पुस्तक,
राधा और मीरा के प्रेम का, बखान है पुस्तक।
वेद उपनिषद की बात, पुराण है पुस्तक,
सत्य की विजय गाथा, निर्वाण है पुस्तक।
अन्तरिक्ष पाने की चाह, अनुसंधान है पुस्तक,
विजय ध्वज फैराना है, अभियान है पुस्तक।
चिड़िया की आँख का, संधान है पुस्तक,
मनुष्य के चरित्र का, निर्माण है पुस्तक।
दादा और पिता का, अभिमान है पुस्तक,
कुछ तो बाकी रह गया, नाम है पुस्तक।
विद्यालक्ष्मी निकेतन, 53-महालक्ष्मी एन्क्लेव, मुज़फ्फरनगर उत्तर प्रदेश