राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार वाहन को रवाना किया

गौरव सिंघल, सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमिता ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश बबीता रानी के निर्देशन में 12 नवम्बर 2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सहारनपुर एवं जनपद की समस्त तहसीलों में किया जा रहा है। 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों का निस्तारण हो और आम जनता की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार प्रसार हेतु मोबाईल वैन को जनपद न्यायाधीश बबीता रानी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेन्द्र कुमार एवं पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश बबीता रानी ने बताया कि यह मोबाईल वैन सहारनपुर के सभी गांवों तहसीलों, पंचायतों एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में 24 सितम्बर 2022 तक अगामी लोक अदालत के सम्बन्ध में एवं विभिन्न कानूनों के बारे में जनता को जागरूक करेगी। उन्होंने बताया कि इस जागरूकता व प्रचार प्रसार के कार्य में पैनल लॉयर्स एवं पीएलवी को नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि निसन्देह इसके अच्छे परिणाम राष्ट्रीय लोक अदालत के समय देखने को मिलेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम के वाद, वैवाहिक वाद (तलाक के प्रकरण को छोडकर) लघु शमनीय वाद, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के वाद, एनआईएक्ट के वाद, दीवानी वाद, विधुत अधिनियम के वाद, एमवीएक्ट व ट्रेफिक ई-चालान के वाद, भूराजस्व के वाद,( केवल जनपद न्यायालय में लम्बित) आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये जायेगे। 
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन का मकसद आपसी विवादों को सुलह समझौते के आधार पर निपटाना है, जिसमें दोनो पक्षों की जीत होती है। उन्होंने बताया कि निस्तारित वाद की कोई अपील नही होती तथा अदा की गयी कोर्टफीस वापिस हो जाती है। अतः सभी विद्वान अधिवक्तागण, वादकारीगण एवं समस्त हितधारको से मेरी अपील है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में सहभागी बने और अधिक से अधिक वाद निस्तारित करायें, ताकि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को सफल बनाया जा सके। इस अवसर पर समस्त न्यायिक अधिकारीगण, सिविल बार एसोसियेशन के अध्यक्ष एवं सचिव, अधिवक्तागण एवं कोर्ट स्टाफ उपस्थित रहे।