आरबीआई स्कूली बच्चों की करायेगा वित्त साक्षरता क्विज, जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर एलडीएम ने तैयार की कार्ययोजना

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बच्चों का वित्तीय ज्ञान मजबूत करने के लिए ’भारतीय रिजर्व बैंक अखिल भारतीय वित्तीय शिक्षा प्रश्नोत्तरी’ विषय पर क्विज का आयोजन किया जा रहा है, जो ब्लाॅक व जिला स्तर पर किया जायेगा। इस कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए एलडीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार की है।

एलडीएम बीएस तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि कम उम्र में वित्तीय शिक्षा की अवधारणाओं को विकसित करने के महत्व को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक और राष्ट्रीय वित्तीय शिक्षा केंद्र (एनसीएफई) सहित अन्य हितधारकों द्वारा स्कूली बच्चों के बीच वित्तीय शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए गए है। इसी दिशा में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एक नई पहल की कोशिश की जा रही है, जिसमें स्कूली बच्चों के बीच प्रश्नोत्तरी का आयोजन प्रस्तावित है। उक्त प्रश्नोत्तरी का आयोजन ब्लॉक एवं जिला स्तर पर किया जाएगा। ब्लॉक स्तर के विजेता प्रतिभागी जिला स्तर की प्रश्नोत्तरी में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में उक्त प्रश्नोत्तरी के लिए संसाधन सामग्री में आरबीआई व एनसीएफई की वेबसाइट पर उपलब्ध वित्तीय शिक्षा सामग्री, साम्यन्य बैंकिंग तथा बेकिंग व वित्तीय क्षेत्र एवं अर्थव्यवस्था से संबंधित  समसामयिक विषय सम्मिलित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता को संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाया जा रहा है। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए उनके द्वारा नमूना सामग्री के रूप में वित्तीय साक्षरता से संबंधित दो बुकलेट (फेम एवं स्कूली बच्चों के लिए वित्तीय साक्षारता) भेजी गयी है,  जो कि प्रतिभागियों के लिए लाभप्रद हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को इन बुकलेटा के साथ-साथ प्रश्नोत्तरी के लिए ऊपर वर्णित अन्य संसाधन सामग्री का अध्ययन करने के लिए कहा गया है।
एलडीएम बीएस तोमर ने कहा कि वित्तीय साक्षरता को लेकर रिजर्व बैंक  इण्डिया गंभीर है। लोगों को वित्तीय साक्षर करने के लिए क्रिसिल फाउन्डेशन के सहयोग से खतौली में वित्तीय साक्षरता केन्द्र खोला गया है, जिसके माध्यम से जनपद के खतौली, जानसठ व बुढाना ब्लाॅक के गांवों के लोगों को वित्तीय साक्षर किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को फंडिंग नाबार्ड द्वारा की जा रही है जबकि प्रायोजक बैंक पीएनबी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सीएफएल टीम द्वारा जनपद के लगभग तीन हजार से अधिक लोगों को वित्तीय साक्षर किया जा चुका है।