सत्संग भवन में श्री राम कथा का दूसरा दिन, कथा व्यास ने सुनाई ताडका वध की कथा
शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। शामली रोड स्थित सत्संग भवन में श्री राम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं0 श्यामशंकर मिश्र ने कहा कि जिस समय ताडका सुर का आतंक पृथ्वी लोक पर कहर बरपा रहा था, उसी समय श्रीराम ने भगवान शिव को सती के साथ विवाह बंधन में बंधने के लिए प्रार्थना की, प्रेरित किया । चूंकि श्री राम जानते थे कि ताडका सुर का अंत भगवान शिव की संतान ही करेगी, इसलिए शिवजी का सती के साथ विवाह होना सृष्टि की रक्षा के लिए आवश्यक है। ताडका सुर को वरदान मिला था। कि शिव जी की संतान के अतिरिक्त कोई भी उसे मार नहीं सकता । इसलिए ही श्री राम ने शिवजी से प्रार्थना कर, उन्हें विवाह के लिए प्रेरित किया । श्रीराम सदैव ही शिवकी पूजा में लीन रहते थे।
कथा व्यास पं0 श्यामशंकर मिश्र ने कथा के दौरान महा मृत्युजंय मंत्र की स्थापना और उसके उदेश्य के बारे में श्रोताओं को बताया कि यह मंत्र जहां शरीर की रक्षा करता है, वहीं पर यह शत्रु नाश के साथ साथ समस्त जीवों के कल्याण व रक्षा को संपादित करता है। महामृत्युंजय के पाठ से भय मुक्त होकर, प्राणी निडर होकर कार्य करता है। कथा के दूसरे दिन यजमान के रूप में सम्राट गर्ग सपत्नीक उपस्थित हुए। कथा को विश्राम देने बाद कर्मकाण्ड विशेषज्ञ पं0 राजेश शास्त्री ने भी राम नाम का वाचन कराया व महाआरती सम्पन्न करायी । आरती के उपरांत स्व0 मुकेश गर्ग की धर्मपत्नि श्रीमती रीता गर्ग ने अपने परिजनों के साथ श्रोताओं को भोग प्रसाद का वितरण कराया। कथा के दौरान मास्क व सोशल डिस्टेंट का पूर्ण ध्यान रखा गया । श्री राम कथा के आयोजन में सत्संग भवन ट्रस्ट की ओर से श्यामलाल बंसल (दालवाले) शिव कुमार, राकेश वशिष्ठ, पं0 राजेश शास्त्री, सिद्ध पीठ वाले गुरूजी पं0 संजय कुमार, नैनसी गर्ग, पं0 शिवांशमिश्रा, पं0 विश्वासमिश्रा, सुभाष चन्द्र अग्रवाल (शिक्षा विभाग वाले) आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।