उत्तरप्रदेश में अब 72 घंटे में जारी करना होगा उद्योग लगाने का लाइसेंस, नहीं तो उपायुक्त उद्योग होंगे जिम्मेदार

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। मुख्य सचिव ने कहा है कि अब उत्तर प्रदेश में कोई भी उद्यमी अपना लघु उद्यम आसानी से लगा सकेगा, इसके लिए उसे जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति के सामने अपना उद्योग लगाने संबंधी आवेदन व अन्य दस्तावेज देने होंगे। समिति इन दस्तावेजों का तुरंत परीक्षण कराना शुरू करेगी और अधिकतम तीन दिन में उद्योग शुरू करने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। 72 घंटे में उद्योग का लाइसेंस न मिलने पर उपायुक्त उद्योग जिम्मेदार होंगे। एमएसएमई एक्ट के इस प्रावधान को लागू करने के लिए मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने  विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है,  इसके लिए जिला स्तर पर कमेटी भी बना दी गई है।

उद्यमी को इसी कमेटी के सामने तय प्रोफार्मा पर अपना आवेदन पत्र, घोषणा पत्र और राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण व अग्नि सुरक्षा उपाय संबंधी फार्म भर कर जमा करना होगा। कमेटी इसका ब्योरा दर्ज कर जांच करेगी और संबंधित विभागों को तुरंत ईमेल व व्हाट्सएप के जरिए भेजा जाएगा। इसके बाद पत्रावली जिला मजिस्ट्रेट के सामने रखी जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा है कि 72 घंटे में मिलेगी मंजूरी, निवेश मित्र पोर्टल पर दर्ज होगी जानकारी। सारी औपचारिकताएं पूरी होने बाद 72 घंटे के अंदर मंजूरी जारी हो जाएगी, इसे निवेश मित्र पोर्टल पर दर्ज कराया जाएगा। उद्यमी के परियोजना के संबंध में कोई भी अधिकारी अनुमति के संबंध में 1000 दिन तक कोई निरीक्षण नहीं करेगा। इस अवधि में उद्यमी को अन्य औपचारिकताएं पूरी कर लेनी होंगी।