श्रीराम कॉलेज आफ इंजीनियरिंग में अपलाईंग डिजाइन थिंकिंग पोस्ट कोविड चैलेंज विषय पर चल रही तीन चरणीय अंतरराष्ट्रीय आनलाईन कार्यशाला आयोजित


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज आफ इंजीनियरिंग में ’’अपलाईंग डिजाइन थिंकिंग पोस्ट कोविड चैलेंज’’ विषय पर चल रही तीन चरणीय अंतरराष्ट्रीय आनलाईन कार्यशाला का द्वितीय चरण का आयोजन धमार्थ ट्रस्ट टैक टॉप द्वारा आयोजित किया गया। कार्यशाला के मुख्य आयोजनकर्ता एवं टैक टॉप धमार्थ ट्रस्ट के संस्थापक प्रोफेसर राजेश नायर इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता रहे। तीन चरणीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग विद्यार्थियों में अभियांत्रिक कौशल विकसित कर उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।
कार्यशाला के दूसरे चरण में प्रोफेसर राजेश नायर ने विद्याथियों को क्रेटिंग एंड वेलिडेटिंग विषय पर संबोधित किया। प्रोफेसर राजेश नायर ने अपने सम्बोधन में विद्यार्थियों को समस्याओं की पहचान, उनके निदान एवं विभिन्न तरीकों के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की तथा उदहारण के माध्यम से समझाया। उसके बाद विद्याथियों ने अपनी-अपनी प्रॉब्लम जो उन्होने पिछले चरण में प्रस्तुत की थी, उनके शॉल्यूशन के विषय में जानकारी देते हुए प्रोजेक्शन के माध्यम से प्रोफेसर नायर के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रोफेसर नायर ने उसके पश्चात सभी शॉल्यूशन की सरहाना एवं त्रुटि निकालते हुए विद्याथियों को सम्बोधित किया। प्रोफेसर नायर ने विद्यार्थियों को एंटीपेनियोर के विषय में संबोधित करते हुए बताया की एंटीपेनियोर वो नही होता जो रिस्क लेता है बल्कि वो होता है जो रिस्क को मैनेज करना जानता हो ओर अपनी असफलताओं से निराश ना हो कर निरन्तर प्रयासरत रहता है। इसी क्रम में प्रोफेसर नायर नें विद्याथियों को बिजनेस मॉडल तैयार करने के विषय में भी प्रशिक्षण दिया ।



इस अवसर पर श्रीराम ग्रुप आफ कॉलिजेज के चेयरमैन डा0 एससी कुलश्रेष्ठ ने श्रीराम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सभी प्रवक्तागणों और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुये कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला विद्यार्थियों के भविष्य के लिये अति आवश्यक तथा रोजगारपरक है। इस प्रकार की कार्यशालाओं से ज्ञान प्राप्त कर विद्यार्थी अन्य संस्थानों तथा उपक्रमों में कार्य करने योग्य तो बनते ही है साथ ही रोजगार के नये अवसर प्रदान करने में भी सहायक होगे। डाॅ0 कुलश्रेष्ठ ने कार्यशाला के द्वितीय चरण के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर विभाग के प्रवक्ताओं एवं अतिथि वक्ताओं को शुभकामनाए दी।
श्रीराम कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के निदेशक डा0 आलोक गुप्ता और डीन ऐकेडिमिक प्रोफेसर साक्षी श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से सभी विद्यार्थियों का मनोबल बढाते हुये इस कार्यशाला में उद्यमिता के लिये सीखाये जा रहे गुणों को अपने अंदर समाहित करने के लिये प्रोत्साहित किया।  
कार्यशाला में कम्प्यूटर आफ इंजीनियंरिंग के विभागाध्यक्ष डा0 पवन कुमार गोयल और अन्य विभागाध्यक्षों में डा0 अश्वनी, डा0 अर्जुन सिंह, डा0 पवन कुमार, डा0 मोहित सिंह व प्रवक्तागण इं0 देवेश मलिक, इं0 रवि कुमार, इं0 आशीष सिंह, इं0 तुषार शरण, इं0 पीयुष आदि ने कार्यशाला में मेंटर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।