पूरे मन से साहित्य की साधना कर रही हैं डा. सुजाता चौधरी


शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। 


पत्रकारिता में डिप्लोमा प्राप्त, एलएलबी, राजनीति शास्त्र व इतिहास में स्नातकोत्तर व पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वाली सुजाता चौधरी पूरे मन से साहित्य का साधना कर रही हैं। उनके अब तक दुख भरे सुख, कश्मीर का दर्द, दुख ही जीवन की कथा रही, प्रेमपुरुष व सौ साल पहले-चम्पारण का गाँधी आदि उपन्यास, मदद ऐसेही होते हैं, सच होते सपने व चालू लडकी आदि कहानी संग्रह सहित महात्मा का अध्यात्म, बापू और स्त्री, गाँधी की नैतिकता, गाँधी और सुभाष, गााँधी और भगतसिंह, बापू कृत बालपोथी, चम्पारण का सत्याग्रह व सत्य के दस्तावेज आदि गाँधी साहित्य प्रकाशित हो चुके हैं। इसके साथ ही डा. सुजाता चौधरी की संक्षिप्त श्रीमद्भागवतम्, चैतन्यदेव आदि रचनाएं भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
डा. सुजाता चौधरी के अनुसार वाणी प्रकाशन के बैनर तले प्रकाशित होने वाला उनका उपन्यास नोआखाली अभी प्रेस में है। सुजाता चौधरी श्री रास बिहारी मिशन ट्रस्ट की मुख्य न्यासी हैं तथा इस ट्रस्ट द्वारा ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में विशेष योगदान प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही दलित बच्चों की शिक्षा हेतु विद्यालय संचालन, वृन्दावन में विधवा आश्रम का संचालन, निराश्रित जनों के लिए सालों भर भोजन की व्यवस्था व देशभर में बापू एकल पाठशाला के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।