डा.मिली भाटिया आर्टिस्ट की नारी अंतर्मन पर चौथी पेंटिंग में गहनों से लदी राजपूत विवाहिता की मनोदशा प्रदर्शित करने की कोशिश


शि.वा.ब्यूरो, रावतभाटा (राजस्थान)। डॉक्टर मिली भाटिया आर्टिस्ट बताती हैं कि नारी अंतर्मन की 7 पेंटिंग में से मेरी चौथी पेंटिंग राजपूती नारी के मनोभावों का प्रदर्शित करती है। इस पेंटिंग में दर्शाया गया है कि एक राजपूत की एक अच्छे घर में मैरिज हो गई है और शादी के बाद इसे चाभी के गुच्छे और गहनों से लाद दिया गया है। इसे पेंटिंग में मैंने चाबी के गुच्छे कोे हाईलाइट किया है, जिससे इसके अंतर्मन की पीड़ा प्रदर्शित होती है कि धन-दौलत और शानोशौकत सब कुछ होते हुए भी वह घर के बाहर नहीं निकल सकती। उसे ऐसा लग रहा है कि मेरा सब कुछ ताले में बंद होके रह गया है। जो एजुकेशन उसने प्राप्त की थी, वो सब मिट्टी में मिल गयी है। यह इस पेंटिंग की मैन थीम है। यह पेंटिंग सीरीज मैंने वर्ष 2008 में एमए की शिक्षा प्राप्त करने के दौरान बनायी थी। इसे प्रदर्शनी में स्थान मिला था और इस पेंटिंग को काफी सराहा भी गया था। 


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