मंडी जिला की ऐतिहासिक नगरी है वही-सरही


डॉ जगदीश शर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।


हिमाचल प्रदेश करसोग विधानसभा की वही-सरही पंचायत की सीमाएं सुंदरनगर और नाचन विधानसभा से भी जुड़ी हैं। वही-सरही की कुल आबादी 1296 है, जिसमें सामान्य जाति की आबादी 514 तथा अनुसूचित जाति की आबादी 782 है, लेकिन अनुसूचित जाति अधिसंख्य पंचायत होने के बावजूद भी आजादी के 73 वर्षों बाद भी इस पंचायत में स्वास्थ्य व्यवस्था नाम मात्र भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों को टोने-टोटकों का सहारा लेने पर विवश होना पड़ता है। सरहीवासी सभी समस्याओं से पहले पंचायत मुख्यालय सरही मे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की मांग करते हैं। हालांकि पूर्वकाल में कांग्रेस, हिविंका-भाजपा और भाजपा सरकारों कुछ समक्ष भी सरही में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग बार-बार उठती रही है, लेकिन सरकारों की उदासीनता यह है कि लोग आज भी सरही में चिकित्सालय खुलवाने को तरस रहे हैं। परिणामस्वरूप मरीजों को 8 से 10-15 किलोमीटर दूर पांगणा, झुंगी, परेसान जाना पड़ता है।



गांव के सक्रिय समाजसेवी देवीराम ठाकुर का कहना है कि 27 मार्च 1985 को निहरी से नागरिक औषधालय पांगणा शिफ्ट करने के साथ ही पांगणा के आयुर्वेदिक औषधालय को सरही में खोलने की बात क्षेत्रवासियों ने तत्कालीन सरकार के समक्ष रखी लेकिन कोरे आशवासनों के सिवाय कुछ न मिला। 16 सातंबर 1994 को नागरिक औषधालय पांगणा का दर्जा बढ़कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हो गया, लेकिन सरही को अब भी चिकित्सालय नसीब नहीं हुआ। 21 फरवरी 2009 को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पांगणा के भवन के उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और आयुर्वेद मंत्री राजीव बिन्दल से सरही में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की लेकिन इस बार भी सरही वासियों को मायूसी ही हाथ लगी। 9अक्टूबर 2017 को पांगणा प्राथमिक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रुप में स्तरोन्नत हो गया, लेकिन तीन विधानसभा क्षेत्रों की सीमावर्ती पंचायत को आज तक स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर कोई भी संस्थान न मिलने से वंचित पड़े वही-सरही वासी एक बार फिर स्वास्थ्य केन्द्र से हो रही परेशानियों की ओर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का ध्यान आकर्षित कर वही-सरही में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुलवाने की मांग कर रहे हैं।ताकि कोरोना जैसी महामारी के गांव-गांव में पहंचने से लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़ सके।



वही-सरही पंचायत के प्रधान तोताराम, उप-प्रधान पन्ना लाल, वार्ड सदस्य कमला देवी, रमा देवी, भवानी दत्त, मोहन लाल, लीलाधर, महिला मंडल वही-सरही की प्रधान दामिनी, सचिव रोशनी, महिला मंडल लुच्छाधार, महिला मंडल भयाणा, गींहनाग समिति के कुठियाला धर्मसिंह, प्रधान चेतराम, धरनीधर, रामसिंह, टेकसिंह, प्रगतिशील बागबान राजु, समाजसेविका चंद्रा, रोहित ठाकुर सहित समस्त वही-सरही पंचायत वासियों ने सरकार से मांग की है कि लगातार 73 वर्षों के दौरान विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवारों द्वारा सरही वासियों को स्वास्थ्य संस्थान खोलने के नाम पर दिखाए सब्जबाग और झूठे वायदों से अब वे अब तंग आ गए हैं। अत: अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से ही अंतिम उम्मीद बंधी है कि आजादी के 73 वर्षों बाद सरही वासियों का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुलने का सपना जरुर साकार होगा।



पांगणा करसोग (मण्डी) हिमाचल प्रदेश