कु.मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय बादलपुर में द्वारा "एक भारत क्षेष्ठ भारत" अभियान के अंतर्गत "देखो भारत देश" शीर्षक परएक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, गौतमबुद्धनगर।  कु.मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय बादलपुर द्वारा "एक भारत क्षेष्ठ भारत" अभियान के अंतर्गत "देखो भारत देश" शीर्षक पर दिनाँक 16 जून 2020 को एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित की गई। इस अवसर पर विश्व के 15 प्रमुख देशों के अलावा भारत के 31 राज्य एवम केंद्र शासित प्रदेशों के 3157  प्रतिभागियों की उपस्तिथि दर्ज की गई, जिसमें प्राचार्य,एसोसिएट प्रोफेसर,असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक, छात्र एवम अन्य विभिन्न कार्यक्षेत्रों के विद्वानों द्वारा अपनी सहभागिता प्रस्तुत की गयी। 

वेबिनार की अध्यक्षता संस्था की प्राचार्य डॉ. दिव्या नाथ द्वारा की गई। विशिष्ट आमंत्रित अतिथि के रूप में "एक भारत श्रेष्ठ भारत" अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय से युग्मित मेघालय राज्य के लेडी कीन कॉलेज, शिलांग एवम नोंगस्टाइन कॉलेज खासी हिल्स की प्राचार्य प्रोफ़ेसर (डॉ.) क्रिसेंथिमुम मस्सार एवम डॉ.लॉसन मौथोव क्रमशः उपस्थित रहीं।


कार्यक्रम का प्रारम्भ संगीत विभाग की प्रभारी एवम "एक भारत श्रेष्ठ भारत" अभियान की सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉ. बबली अरुण द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ जिसके बाद वेबिनार संयोजक एवम "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की नोडल प्रभारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) मीनाक्षी लोहनी द्वारा सभी अतिथियों एवम प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि एवम प्रमुख वक्ता के रूप में आमंत्रित दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफ़ेसर डॉ. प्रकाश सिंह द्वारा "भारत में ऐतिहासिक, राजनीतिक एवम सांस्कृतिक विविधता" शीर्षक पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने पुरातन भारतीय सनातन संस्कृति एवम ग्रंथों में छिपे विज्ञान को वैज्ञानिक साक्ष्यों एवम तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया। विशिष्ट वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के संगीत विभाग से प्रोफ़ेसर (डॉ.) राजीव वर्मा द्वारा "भारतीय संगीत की विभिन्न धाराओं" को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया गया तथा मीराबाई के भजन की धुन पर सितार बजाकर सितार के भिन्न सुरों से सभी को अवगत कराया। तीसरे विशिष्ट वक्ता के रूप में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग से आमंत्रित डॉ. विंध्यवासिनी पांडेय द्वारा हिमालय के संदर्भ में भारतीय भूगोल को चित्रों सहित प्रस्तुत किया तथा क्रमानुसार प्रत्येक पक्ष की व्याख्या की गई। सेंटर फॉर स्टडी ऑफ रिजनल डेवलपमेंट,जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के डॉ. संजीव शर्मा द्वारा हिमालय क्षेत्र में घुमंतू समुदाय के जीवन एवम संस्कृति पर आधारित शोध अध्ययन प्रस्तुत किया गया। उनके उपरान्त केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद के मानवशास्त्र विभाग से डॉ. राहुल पटेल द्वारा भारत के आदिवासियों की  संस्कृति, कोरोना काल अवधि में उनपर पड़ने वाले प्रभावों के साथ-साथ उनकी  देशज चिकित्सा पद्धतियों की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की गई। चिल्ड्रन हेल्थ कॉउन्सिल, कैलिफ़ोर्निया,यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका की डॉ. विभा पाठक द्वारा "भारत में मेडिकल टूरिज्म की संभावनाओं" पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया गया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेन्सिंग, देहरादून से आमंत्रित डॉ.वंदिता श्रीवास्तव द्वारा "प्रमोशन ऑफ टूरिज़म इन इंडिया थ्रू रिमोट सेंसिंग एंड जिओ स्पैटियल टेक्नोलॉजी" शीर्षक पर अपना शोध अध्ययन प्रस्तुत किया गया।


समापन सत्र में लेडी कीन कॉलेज शिलांग की प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ) क्रिसेंथिमुम मस्सार तथा नोंगस्टाइन कॉलेज खासी हिल्स की प्राचार्या डॉ. लैसन मौथोव द्वारा वेबिनार को संबोधित किया गया। जहाँ उन्होंने संस्था के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्था की प्राचार्या द्वारा "एक भारत श्रेष्ठ भारत" अभियान के उद्देश्यों एवम लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु संस्था की रूपरेखा को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। संस्था की प्राचार्या द्वारा अखण्ड भारत की परिकल्पना को पूर्ण करने हेतु आपदा को अवसर में परिवर्तित करने की बात कही गयी। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ सदस्य डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा एवं डॉ किशोर कुमार द्वारा तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में उपस्तिथ रहे जिनके निर्देशन में सम्पूर्ण कार्यक्रम व्यवधान रहित चल सका। प्रश्न उत्तर सत्र का संचालन एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान की भाषाई विशेषज्ञ डॉ. विजेता गौतम द्वारा किया गया जहां प्रतिभागियों के समस्त प्रश्नों के उत्तर दिए गए।अंत में "एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान" की प्रमुख सलाहकार डॉ.शिल्पी द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।सम्पूर्ण वेबिनार का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन वेबिनार के आयोजन सचिव डॉ संजीव कुमार द्वारा किया गया l इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों एवम सदस्यों की उपस्तिथि एवम सहयोग सराहनीय रहा।