आरती माँ भारती

सुनिता ठाकुर, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

 

शत्-शत् नमन, शत्-शत नमन ।

मस्तिष्क हृदय श्वास सब तुझमें मगन ।

शत्-शत् नमन 'माँ ' शत्-शत् नमन ।।

 

सिंहासिनी घटवासिनी ममतामयी जगवासिनी ।

कोमल मृदु शस्यश्यामला कुमुदरूप सुहासिनी ।।

 

कर धव्जा और गद्दा, हरित केसरी श्वेताम्बरी ।

धीर रमणी, वीर जननी, दुर्गारूप रक्ताम्बरी ।।

 

शत्-शत् नमन ' माँ ' शत्-शत् नमन ।

मस्तिष्क हृदय श्वास सब तुझमे मगन ।।

 

चारू नयन उदार हृदय बहुधर्म धारिणी ।

कंज मुख पावन छवि सतजन उद्धारिणी ।

संघन केश स्वर्णिम वेश खलदल संहारिणी ।।

 

तू ही वेद तू पुराण, तू ही गुरूग्रंथ, तू  भागवद गीता ।

तू ही नीरजा, तू गिरजा, तू ही राधा, तू प्यारी सीता ।।

 

शत्-शत् नमन 'माँ ' शत्-शत् नमन ।

मस्तिष्क, हृदय, श्वास सब तुझमें मगन ।।

 

जाति धर्म समुदाय कई पर पावन तेरे चरण की खाक़ है।

जननी तू आजाद, भगत सिंह की सुपूत तेरा अशफाक़ है ।।

 

कश्मीर, हिमालय, रामेश्वरम, मेघालय तेरे पावन अंग है ।

बैसाखी, होली, क्रिस्मस, ईद, दिवाली तेरे पावन रंग है।।

 

शत्- शत् नमन शत् -शत् नमन।

मस्तिष्क, हृदय, श्वास सब तुझमें मगन ।

शत् -शत् नमन 'माँ '  शत् -शत् नमन ।।

   *आरती माँ भारती*

 

शत् -शत् नमन, शत् -शत नमन ।

मस्तिष्क, हृदय, श्वास सब तुझमें मगन ।

शत् -शत् नमन 'माँ ' शत् -शत् नमन ।।

 

सिंहासिनी, घटवासिनी, ममतामयी, जगवासिनी ।

कोमल, मृदु, शस्यश्यामला, कुमुदरूप, सुहासिनी ।।

 

कर धव्जा और गद्दा, हरित केसरी श्वेताम्बरी ।

धीर रमणी, वीर जननी, दुर्गारूप रक्ताम्बरी ।।

 

शत् -शत् नमन ' माँ ' शत् -शत् नमन ।

मस्तिष्क, हृदय, श्वास सब तुझमे मगन ।।

 

चारू नयन उदार हृदय बहुधर्म धारिणी ।

कंज मुख पावन छवि सतजन उद्धारिणी ।

संघन केश स्वर्णिम वेश खलदल संहारिणी ।।

 

तू ही वेद तू पुराण ,तू ही  गुरूग्रंथ तू  भागवद गीता ।

तू ही नीरजा तू गिरजा, तू ही राधा तू प्यारी सीता ।।

 

शत् -शत् नमन 'माँ ' शत् -शत् नमन ।

मस्तिष्क हृदय श्वास सब तुझमें मगन ।।

 

जाति धर्म समुदाय कई पर पावन तेरे चरण की खाक़ है।

जननी तू आजाद,भगत सिंह की सुपूत तेरा अशफाक़ है ।।

 

कश्मीर हिमालय रामेश्वरम मेघालय तेरे पावन अंग है ।

बैसाखी होली, क्रिस्मस ईद दिवाली तेरे पावन रंग है।।

 

शत्- शत् नमन शत् -शत् नमन।

मस्तिष्क हृदय श्वास सब तुझमें मगन ।

शत् -शत् नमन 'माँ '  शत् -शत् नमन ।।

   

 गॉव काम्बलू, तहसील करसोग, जिला मंण्डी हिमाचल प्रदेश