सड़कों पर क्रय केंद्रों से गन्ना लाने वाले वाहनों का कब्जा


केएस भौज्ञान, खतौली। अन्य दिनों की तरह शुक्रवार को भी सड़कों पर क्रय केंद्रों से गन्ना लाने वाले वाहनों का कब्जा था, स्थानीय लोगों का कहना था कि है कोई जो उन्हें इस समस्या से निजात दिला सकता है। दरअसल यह समस्या स्थानीय लोगों की ही नहीं है, यह समस्या उस हर शख्स की है जो इन सड़कों से गुजरता है। अनेकों बार कई वी आई पी को भी इस समस्या से रूबरू होना पड़ा है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या के सम्बंध में अधिकारियों अथवा जनप्रतिनिधियों को अवगत न कराया गया हो, अनेको बार शिकायत करने पर भी समस्या का निराकरण नहीं हो पाया और परिणाम वही ढाक के तीन पात वाला रहा। वैसे तो यह समस्या पुरानी है, बुजुर्गों की माने तो यह समस्या 1933 में मिल की स्थापना के साथ ही शुरू हो गई थी, पहले यह समस्या मात्र जानसठ रोड़ तक ही सीमित थी।


1982 में केन यार्ड का गेट फलावदा रोड़ पर बनाया गया था, तब से लेकर आज तक यह समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। बताते चलें कि इस मार्ग पर अधिकांश मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं, जो रेहडी - ठेलों पर चाट - पकौड़ी, सब्जी अथवा अन्य सामान बेचकर परिवार का पालन पोषण करतें हैं। सड़कों पर गन्ना वाहनों कब्जे के कारण उन्हें अपनी गली से बाहर आना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा आये दिन चालकों व सड़कों से गुजरने वालों के बीच झगड़ा होना आम बात है। रास्ता न मिलने के कारण चालकों व गुजरने वालों के बीच कहासुनी होना आम है,गनीमत रहती है कि मौके पर मौजूद लोगों बीच बचाव करा देते हैं लोगों ने मिल प्रशासन के साथ ही जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों से समस्या का निराकरण करने की मांग की है। आशा है कि सम्बन्धित अधिकारी गण इस ओर ध्यान देंगे।