केन्द्रीय राज्यमंत्री ने उन्नत नस्ल की मादा संतति उत्पन्न कराने हेतु कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम योजना का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। केन्द्रीय राज्यमंत्री डा0 संजीव कुमार बालियान ने आज विकास भवन में मादा गोवंशीय पशुओं में उन्नत नस्ल की केवल मादा संतति उत्पन्न कराने हेतु वर्गीकृत वीर्य (सैक्सड सीमन) से कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम योजना का शुभारम्भ कर पशुपालन विभाग की समस्त गाडियों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री ने विकास भवन के सभागार में बैठक करते हुए कहा कि वर्गीकृत वीर्य (सैक्सड सीमन) से गोवंश में कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उच्च उत्पादन क्षमता की मादा संतति (बछिया) उत्पन्न करने के उद्देश्य से यह योजना आरम्भ की गयी है। उन्होने कहा कि वर्गीकृत वीर्य के कृत्रिम गर्भाधान से गायो में 90 से 95 प्रतिशत मादा नवजात की उत्पत्ति होगी। उन्होने कहा कि इस योजना में स्वदेशी नस्ल की हरियाणा प्रजाति (ब्रीड) का सीमन जनपद स्तर पर प्राप्त हो गया है। शेष साहीवाल, थारपारकर, गिर आदि का सीमन भी शीघ्र ही प्राप्त हो जायेगा।



केन्द्रीय राज्यमंत्री को अवगत कराया कि जनपद को वर्गीकृत वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान करने के लिए 4860 का लक्ष्य निर्गत किया गया है, जिसमें 405 कृ0ग0 प्रतिमाह किया जाना निर्धारित किया गया है। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि वर्गीकृत वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान किये जाने वाले गोवंशीय पशुओ में टैगिंग किया जाना अनिवार्य है। वर्गीकृत वीर्य से पशु में कृत्रिम गर्भाधान कराने का शुल्क 300 रूपये प्रति कृत्रिम गर्भाधान निर्धारित है। उन्होने कहा कि वर्गीकृत वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराने से बेसहारा गोवंश से निजात मिलेगी तथा उच्च उत्पादन क्षमता सीमन के प्रयोग से किसानों की आय में वृद्धि होगी। जैसा प्रधानमंत्री का 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने का लक्ष्य है। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अन्तर्गत जैनेटिक अपग्रेडेशन योजना में जनपद को 300 ग्राम सभाओं का चयन समस्त विकास खण्डों की सहभागिता करते हुए किया गया है। इस योजना में उच्च गुणवत्ता युक्त सीमन से चयनित 300 ग्रामों में लक्ष्य 20000 कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होने कहा कि इस योजना में साहीवाल, हरियाणा, एचएफचएफ जर्सी, मुर्रा ब्रीड 4800 से 5000 लीटर उत्पादकता वाले साॅड का सीमन उपलब्ध है।



केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से उच्च उत्पादन क्षमता के नर-मादा वत्स उत्पन्न होगे। रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली स्वदेशी (भारतीय) नस्लों का विकास एवं संख्यात्मक वृद्धि होगी, पशुपालकों के द्वार पर ही पशुओ के उच्च गुणवत्ता वाले सीमन से कृत्रिम गर्भाधान कराया जा रहा है। उन्होने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली बछिया के उत्पन्न होने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय पशु रोग नियन्त्रण कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानमंत्री द्वारा 11 सितम्बर 2019 को पं0 दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्व विद्यालय एवं गो अनुसंधान केन्द्र मथुरा में की गयी थी। इस योजना में सघन टीकाकरण अभियान चलाकर खुरपका-मुहंपका एवं बुर्सल्लोसिस बीमारी से देश को मुक्त कराया जायेगा। बुर्सल्लोसिस एक जुनोटिक बीमारी है जो पशुओ में मनुष्यों में भी फैलती है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जनपद की 498 ग्राम सभाओ में एक वैक्सीनेटर एवं एक सहायक का चयन किया जा रहा है, जिससे इस योजना में 996 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। वैक्सीनेटर को पशुओं में टीकाकरण करने के लिए 3 रूपये प्रति पशु की दर से तथा सहायक को टैगिंग करने केे लिए 2.50 रूपये प्रति पशु की दर से विभाग द्वारा भुगतान किया जायेगा।



केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत जनपद के समस्त गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में टैगिंग की जायेगी। पशुओं में किये गये टैगिंग तथा अन्य कार्यकलाप की सूचना इनाफ पोर्टल पर अपलोड की जायेगी। इस सूचना में पशु स्वामी तथा पशु का पूर्ण ब्यौरा अंकित किया जायेगा, जिससे पशुओ की खरीद फरोख्त, पशुओं का ट्रांसपोर्ट, पशुओ का बीमा, पशु में बीमारी की स्थिति एवं उसका उपचार तथा बांझपन चिकित्सा आदि का विवरण अंकित किया जायेगा। इनाफ पोर्टल पर पशु की सूचना अपलोड वाले पशु स्वामी को विभागीय योजनाओं में प्राथमिकता दी जायेगी। सभी पशुपालक राजकीय योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त करने हेतु अपने गोवंशीय एवं महिषपवंशीय पशुओ में शत-प्रतिशत टैगिंग कराये ताकि राजकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके।



इस अवसर पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, मुख्य विकास अधिकारी आलोक यादव, अपर जिलाधिकारी प्रशसन अमित सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 दिनेश कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद रहे।