होली हुल्हड़

आशुतोष, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

 

भाभी के संग

होली रंगे रंग

जीजा के संग

खूब जमें रंग

सारा रा रा रा।

 

छोटू मोटू बेटू

यार के संग

सखी सहेली 

खूब लगाये

एक दूजे को रंग

सारा रा रा रा।

 

गुलाल उड़े 

पिचकारी भरे रंग

जीजा साला दोनो नाचे

पीके लोटा लोटा भंग

सारा रा रा रा।

 

पढ़ते हैं जोगीरा

लेके झाल मृदंग

भैया हुए मस्त मौला

भाभी को भाये जोगीरा

सारा रा रा रा।

 

पढ़ते पढ़ते हो गयी शाम

अबीर लगाया बन गये काम

अबकी होली 

बस आपके नाम

सारा रा रा रा।

 

                              पटना, बिहार