हरदोई के बावन ब्लाॅक का प्राथमिक विद्यालय पिरोजापुर बना आदर्श स्कूल, दीवारे भी पफैला रही शिक्षा का उजियारा (शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र के वर्ष 13, अंक संख्या-21, 17 दिसम्बर 2016 में प्रकाशित लेख का पुनः प्रकाशन)

                                                     
शि.वा.ब्यूरो, हरदोई। परिषदीय विद्यालयों का नाम आते ही जेहन में जर्जर भवन, पढ़ाई की जगह खेलते बच्चे और अपने काम में लगे शिक्षकों की तस्वीर सामने आती है लेकिन इन्ही सबके बीच एक स्कूल ऐसा भी है जो दूसरे विद्यालयों को आईना दिखा रहा है। बावन विकास खंड का प्राथमिक विद्यालय पिरोजापुर में शिक्षकों के साथ ही स्कूल की दीवारें तक ज्ञान का प्रकाश फैला रही हैं। विद्यालय की इमारत व रंगाई पुताई होने के साथ ही बच्चे भी कान्वेंट विद्यालय को टक्कर दे रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति से लेकर शैक्षिक गुणवत्ता की अधिकारी भी दिल खोलकर सराहना करते हैं।1बेसिक शिक्षा की नीव मजबूत करने के लिए शासन गंभीर है और दिल खोलकर धनराशि भी खर्च हो रही है लेकिन अधिकतर में इच्छाशक्ति की कमी विद्यालयों की दशा बता रही है। हालांकि इस सबके बीच कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां के शिक्षकों ने इनकी दशा ही बदल दी है। वैसे तो जिले में कई आदर्श विद्यालय हैं लेकिन उन्हीं में से चर्चा और प्रचार प्रसार से दूर बावन विकास खंड का प्राथमिक विद्यालय पिरोजापुर है। 119 छात्र संख्या वाले विद्यालय में प्रधानाध्यापक राजीव सिंह के साथ त्रिशला यादव, रुपेश व सीमा बंसल की तैनाती है। टोडरपुर विकास खंड के जसरथपुर से स्थानांतरित होकर आए प्रधानाध्यापक राजीव सिंह और उनके सहयोगियों की मदद से गांव का विद्यालय कान्वेंट को मात दे रहा है। आकर्षक विद्यालय की दीवारें तक बच्चों को पढ़ा रही हैं। 70 से 80 फीसद बच्चों की रोजाना उपस्थिति रहती तो स्कूल में अनुशासन समिति, स्वच्छता समिति के साथ ही बागवानी समिति भी है। मिड-डे मील के लिए विद्यालय के मैदान में ही सब्जियां भी उगाई जाती हैं। प्रधानाध्यापक कहते हैं कि टोडरपुर में तैनाती के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार बोस और आरपी त्रिपाठी को प्रेरणाश्रोत बनाकर उन्होंने काम किया और अब उनका विद्यालय माडल है। इतना ही नहीं वह चुनौती के रूप में कह रहे हैं कि उनके बच्चे शहर के किसी निजी विद्यालय से कमजोर नहीं हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी भी इस स्कूल की सराहना करते हैं। वहीं बीईओ बावन प्रेमसुख गंगवार ने शनिवार को विद्यालय में पहुंचकर न केवल सराहना की बल्कि बच्चों को स्वेटर भी वितरित किए।