एसडी कालेज ऑफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में होली मिलन के उपलक्ष में कविता पाठ आयोजित


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी कालेज ऑफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में संस्कार भारती (सृजन) के तत्वाधान में होली मिलन के उपलक्ष में कविता पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महेन्द्र आचार्य ने की। विशिष्ट अतिथि डा0 ए0 कीर्तिवर्धन व बीबी चौरसिया, पुलिस अधीक्षक (यातायात) रहे। संस्कार भारती (सृजन), मुजफ्फरनगर के संरक्षक प्रो0 (डा0) एसएन चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होने कहा कि होली भारत का पुरातन त्यौहार है। ईश्वर में आस्था और उसकी जीत का उत्सव है। पुराण पुरूष भक्त प्रहलाद की ईश्वर में अटूट विश्वास एवं विजय का प्रतीक है होली। उन्होंने कहा कि ईष्या न करें, सद्भाव से रहे। कार्यक्रम में 24 कवियों ने अपना-अपना कविता पाठ किया। 
प्रो0 (डा0) एसएन चौहान की कविता-



आओ सखी मनायें होली, तन सुन्दर मन तेरा भोली।


मन में है जो आस, प्रभु होली पर भर दे झोली।।


ने खूब तालियाँ बटोरी। डा0 ए0 कीर्तिवर्धन की कविता-


इन्द्रधनुष के रंगो जैसा मुझको रंग दो।


होली के रंगो को सतरंगी कर दो।



प्रतिभा त्रिपाठी की कविता-


फूल गेंदा से खेरूँगी होरी-होरी ओ रे पिया गेंदा से खेरूँगी होरी।


न रंगियो मोहे कर बरजोरी।


ने सभी का मन मोह लिया। रूपा चौधरी ने अपनी कविता-


वहाँ हाउडी मोदी गूँजे, यहाँ नमस्ते ट्रम्प।


स्वागत में उछले मोदी जी, ट्रम्प लगावे जम्प



द्वारा सभी का खूब मनोरंजन किया। सुशीला जोशी जी ने अपनी कविता-


होली के रंग हजार,


होली किस रंग खेलूँ मैं में होली के त्यौहार


का बहुत सुन्दर वर्णन किया। इंदु राठी की कविता-


होली होली सब करें मरम न जाने कोई,


क्या होली क्या ना इुई अब मै बतलाऊ तोय



में होली के त्यौहार को प्रेम और सदभाव से मनाने की झलक देखने को मिली। राजेश दुलारा की कविता ने भी सभी श्रोताओं को प्रभावित किया। डा0 प्रगति शर्मा ने भी अपनी कविता प्रकृति और होली से समां बाँधा। इस अवसर पर गोपाल सिंह ने हास्य कविता सुनाकर सभी को खूब हँसाया। कार्यक्रम का संचालन प्रतिभा त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य  डा0 एके गौतम ने सुन्दर गीत सुनाया। कविता पाठ के बाद सभी ने होली के उत्सव का आनन्द लिया। स्वास्थ्य के लिये हानिकारक रंगों और गुलाल से सभी ने परहेज किया। केवल फूलों से होली खेली गई।