किस्मत के साथ मधुबाला का बाप भी बन गया था उसका दुश्मन

एडवोकेट नरेन्द्र मित्तल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। 

भारत के पुराने सिनेमा प्रेमी यह जानते हैं कि हिंदी सिनेमा की मधुबाला सबसे हसीन अदाकाराओं में से एक हैं. उन्होंने 60 के दशक में लाखों दिलों पर राज किया था। सुनहरे पर्दे की बेमिसाल खूबसूरत सुन्दरी मधुबाला पहले अभिनेता प्रेमनाथ के प्यार में फंस गई थी। प्यार के साथ ही दोनो शादी करना चाहते थे। यह वह वक्त था, जब प्रेमनाथ सदाबहार अभिनेता दिलीप कुमार (युसुफ वास्तविक नाम) के निकटतम दोस्त थे। प्रेमनाथ ने दिलीप कुमार को यह बात बताई भी थी कि वे मधुबाला से बेपनाह मौहब्बत करते हैं और उनके बीच बात शादी तक आ चुकी है। प्रेमनाथ मधुबाला की हर बात को मानते थे, यहां तक कि उस वक्त के फिल्म निर्माता-निदेशक अपने काम के लिए मधुबाला से सिफारिश कराते थे। मधुबाला किसी भी व्यक्ति से किसी काम को हां कह देती थी तो  प्रेमनाथ उसे तुरन्त कर देते थे। प्रेमनाथ की गिनती उन दिनों फिल्मी दुनिया के बड़े लोगों में होती थी।

मधुबाला उन दिनों प्रेमनाथ के प्रेम में  पागल थी, इसलिए  प्रेमनाथ उनके पिता अता उल्ला खान से शादी के लिए मिले भी थे, किन्तु वे शादी के लिए राजी नहीं हुए, क्योंकि मधुबाला उनके लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी थी। मधु के घर में उसके माता-पिता और भाई-बहिन सहित कुल 11 लोग थे। वे सभी मधुबाला से मिलने वाली रकम पर मौज कर रहे थे। वे सभी नहीं चाहते थे कि यह शादी हो।

तभी मधुबाला के प्रेमी प्रेमनाथ का प्रवेश दिलीप कुमार की जिंदगी में होता है। वे मधुबाला को दिल से चाहने लगे और मधुबाला भी दिलीप कुमार से बेपनाह मौहब्बत करने लगी थी। इन दिनों दोनों को एक-दूसरे पर फिदा होते देख प्रेमनाथ ने अपनी दोस्ती के लिए प्रेम की कुर्बानी कर दी। वे मधुबाला और दिलीप कुमार के बीच से हट गये। इसके बाद प्रेमनाथ ने उस वक्त की बेहद खूबसूरत और कामयाब अभिनेत्री बीनाराॅय से शादी कर ली। फिल्म अनारकली और ताजमहल में बीनाराॅय की शानदार एक्टिंग और खूबसूरती को सिने प्रेमी आज भी नहीं भूले हैं। ये फिल्म आज भी सिनेप्रेमियों के दिलों को धड़काने में पूरी तरह कामयाब है।

यहां पाठकों को यह जानकारी देना भी जरूरी है कि अभिनेता प्रेमनाथ ने दिलीप कुमार (युसुफ) से अपनी पक्की दोस्ती को निभाते हुए बीना राॅय से शादी तो कर ली थी, परन्तु उन्हें अपने एक्स प्रेमिका मधुबाला की बद्दुवाओं का शिकार होना पड़ा था। जानकार बताते हैं कि प्रेमनाथ-बीना राॅय की शादी के मण्ड़प में मधुबाला ने जलती आंखों से गुस्से में प्रेमनाथ से कहा था कि मेरे सच्चे प्यार की उपेक्षा करके तुम प्रेम विवाह कर रहे हो! याद रखना तुम कभी खुश नहीं रह पाओगे। कहते हैं कि मधुबाला की बद्दुवाओं का ही असर था कि प्रेमनाथ-बीनाराॅय अपनी शादीशुदा जिंदगी में सुख से दो पल भी नहीं गुजार पाये थे। दोनों के जीवन में तनाव इतना ज्यादा बढ़ा कि वे अलग-अलग रहने लगे थे।

मधुबाला के प्यार और बीना राॅय की बेरूखी को भुलाने के लिए प्रेमनाथ ने खुद को शराब के नशे में डुबो दिया था, किन्तु प्रेमनाथ को इस बात की शांति थी कि उनके सच्चे दोस्त दिलीप कुमार को अपना प्यार (मधुबाला) मिल जायेगा। कभी-कभी बात चलने पर प्रेमनाथ कहते भी थे कि मधुबाला की दिल से निकली बद्दुआ (शाप) के कारण ही उनका और बीना राॅय का जीवन नरक बन गया है।

मधुबाला की मौत उनके दिल में छेद होने के कारण हुई थी। उसकी मौत के कुछ वर्ष बाद एक इंटरव्यू में प्रेमनाथ ने कहा था कि जिस समय मधुबाला को पता चला कि मैं गम भुलाने के लिए बहुत शराब पीने लगा हूं तो वो एक दिन मेरे घर आई थी और उन्होंने मुझसे कहा था कि आज के बाद यदि तुमने शराब पी तो तुम मेरा खून पियोगे। यह बात मधुबाला का उसके प्रति प्रेम का सबूत है। प्रेमनाथ ने भी मधुबाला से किया वायदा पूरी शिद्दत से निभाया और जब तक मधुबाला जिन्दा रही, उन्होंने शराब को हाथ तक नहीं लगाया।

प्रेमनाथ अभिनेता के प्रेम में धोखा खाई मधुबाला ने दिलीप कुमार से शादी करने की काफी कोशिश की, क्योंकि वह शायद उसमें प्रेमनाथ का अक्स देखने लगी थी। पुरानी कहावत है कि आदमी पहला प्यार कभी नहीं भूलता। मधुबाला ने अपने माता-पिता से दिलीप कुमार से शादी करने की बात की थी, परन्तु लालची माता-पिता ने उसे इसकी इजाजत नहीं दी, क्योंकि पूरा परिवार उनकी कमाई पर ऐश कर रहा था। इसी बीच दोनों को लेकर फिल्म नया दौर की घोषणा हो गयी थी और उस फिल्म की शूटिंग मध्यप्रदेश के भोपाल में होनी थी। फिल्म के निर्देशक बीआर चौपडा थे। भोपाल जाने से पूर्व मधुबाला के पिता अता उल्ला खान को शक था कि भोपाल में शूटिंग के दौरान दिलीप और मधुबाला करीब आ सकते हैं। 

बीआर चौपड़ा फिल्मी दुनिया में काफी सख्त और अनुशासनप्रिय फिल्म निर्देशक माने जाते थे। अता उल्ला खान का मधुबाला को भोपाल ने भेजना बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने मधुबाला को फिल्म से निकाल दिया और उनकी जगह वैजयंती माला को फिल्म में बतौर हीरोइन साइन कर लिया। इस फिल्म ने सफलता के सभी रिकार्ड  ध्वस्त कर दिये थे। फिल्मी इतिहास में ये फिल्म मील का पत्थर साबित हुई थी। इसके बाद जब बीआर चौपड़ा ने मधुबाला से नया दौर फिल्म का साइनिंग अमाउंट वापस करने को कहा तो उनके पिता अता उल्ला खान ने रकम वापिस करने से साफ इंकार कर दिया था। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां दिलीप कुमार ने बीआर चौपड़ा के पक्ष में बयान दिया था, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया था कि वे मधुबाला से प्यार करते हैं और जब तक जिन्दा हैं करते रहेंगे। इसके बाद मधुबाला और दिलीप कुमार के सम्बन्ध बिगड़ गये। इसके लिए प्रेमनाथ ने दिलीप कुमार को ही दोषी ठहराया था, लेकिन इस पूरे मामले से मधुबाला के पिता अता उल्ला खान खुश थे, उनकी राह के कांटे प्रेमनाथ और दिलीप कुमार जो निकल चुके थे।

प्रेमनाथ के बाद दिलीप कुमार से प्रेम में धोखा खाई मधुबाला को कभी सच्चा प्यार नसीब नहीं हुआ। कहते हैं कि जब दिलीप कुमार और मधुबाला का प्यार अपने चरम पर था, तब फिल्म निर्देशक कमाल अमरोही ने मधुबाला के इश्क में इकतरफा डूबकर उनके साथ शादी करने का प्रस्ताव किया था, किन्तु मधुबाला इसे सिरे से नकार दिया था। इससे तिलमिलाये कमाल अमरोही ने मधुबाला से कहा था कि वे उनसे भी बड़ी एक्टेªस से शादी करके दिखायेंगे। बाद में कमाल अमरोही ने उस समय की टाॅप एक्ट्रेस टेªजिडी क्वीन मीना कुमारी से शादी कर ली थी। ये अलग बात है कि उनकी शादी कामयाब नहीं हो सकी थी। उस समय के प्रख्यात् अभिनेता रहमान भी मधुबाला से शादी करना चाहते थे, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाये थे।

इसी बीच मधुबाला की जिन्दगी में अभिनेता और गायक किशोर कुुमार का आगमन हुआ। इससे पहले ही किशोर अपनी पत्नी रूमा देवी को तलाक दे चुके थे। दोनों ने साथ में चलती का नाम गाड़ी और हाफ टिकट जैसी सफलतम फिल्मों में काम किया। इस दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ने लगीं थी। किशोर कुमार और मधुबाला एक दूसरे से प्यार करने लगे तो ऐसे में एक दिन किशोर ने मधुबाला से शादी के लिए पूछा तो मधुबाला ने भी तुरंत हां कर दी। साल 1960 में किशोर कुमार और मधुबाला ने शादी कर ली। स सबके बीच मधुबाला के दिल का छेद लगाता बढ़ता गया, जिसका इलाज भारत में सम्भव नहीं था। शादी के बाद दोनों लंदन चले गए, वहां अचानक एक दिन मधुबाला की तबियत खराब हो गई, डॉक्टरों को दिखाया गया, लेकिन तब काफी देर हो चुकी थी। किशोर कुमार और मधुबाला ने अपनी शादीशुदा जिंदगी में कदम रखा ही था कि दोनों को इतना बड़ा झटका लग गया। लंदन से वापस लौटकर किशोर कुमार, मधुबाला को उनके पिता के घर ले गए। उन्होंने वहां सारी बात बताई और कहा कि मैं चाहकर भी मधुबाला को समय नहीं दे पाउंगा और इस वक्त मधुबाला को हर वक्त किसी न किसी की देखरेख की जरूरत है। हालांकि मधुबाला अपने पति किशोर कुमार के साथ रहना चाहती थीं, लेकिन किशोर कुमार चाहते थे कि मधुबाला का अच्छी तरह से ख्याल रखा जाए। इस असाध्य बीमारी के कारण अन्तिम दिनों में मधुबाला बेहद कमजोर हो गयी थी। मधुबाला किशोर कुमार का साथ ज्यादा समय तक नहीं दे पायी और और मात्र 36 साल की उम्र में 23 फरवरी 1969 को उन्होंने दुनिया का अलविदा कह दिया था। भले ही मधुबाला आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन अब भी जब फिल्मी दुनिया में खूबसूरती की बात चलती है तो मधुबाला को पूरी शिद्दत के साथ याद किया जाता है। फिल्म प्रेमियों के दिलों में आज भी मधुबाला जिन्दा हैं और हमेशा रहेंगी।

वरिष्ठ पत्रकार मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

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