मां फौजी की वर्दी दे दे

ऋषिता मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

मां फौजी की वर्दी दे दे
मैं सुभाष बन जाऊंगा।
एक मुझे तू बंदुक ला दे
दुश्मन मार भगाऊंगा।
छोटा सा चश्मा पहना दे
नेताजी बन जाऊंगा।
भेद भाव मैं नहीं करुंगा
सबको अपना ही मानूंगा
देश विदेश में जा जाकर
तिरंगा मैं फहराउंगा।
मां शारद को सुमिरन करके
शाला में अव्वल आऊंगा।
बोर्ड परीक्षा मेरिट में आ 
 तेरा मान बढ़ाऊंगा।
कापी पेन किताब मंगा दे
शिक्षक बन दिखलाऊंगा।
हर बच्चे का ताप हरुंगा
सैनिक पाठ पढ़ाउंगा।
जय हिन्द का नारा होगा
बच्चा बच्चा प्यारा होगा
खून मांग कर सबसे अपना
ब्लड बैंक बनाउंगा।
दीन दुखी और मां बहनों
फ्री इलाज करवाऊंगा।
भारत मां के चरणों में जा
अपना शीश झुकाउंगा।
सभी जवानों को संग लेकर
 नई राह दिखलाऊंगा।
खेतों में होगी हरियाली
वन में भी हो खुशहाली
श्रृंग हिमालय जाकर मै
शिव के दर्शन पाऊंगा।
सभी धर्मों की वाणी होगी
मानवता का गीत गाऊंगा 
संविधान हमारा जग से ऊंचा
जिसका मान बढ़ाऊंगा।
मां फौजी की वर्दी दे दे
मैं सुभाष बन जाऊंगा।।
23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश