जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त कलेन्डर के अनुसार जनपद न्यायाधीश  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष चवन प्रकाश के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय मतदाता दिवस से सम्बन्धित विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। 

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जनपद न्यायाधीश द्वारा दीवानी न्यायालय परिसर में स्थित केन्द्रीय हाल में समस्त परिवार न्यायाधीश, समस्त न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी, मध्यस्थ अधिवक्ता, नामिका अधिवक्ता, पीएलवी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ दिलाते हुए पठन पाठन कराया गया। इस अवसर पर गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। 

कार्यक्रम में अपर जिला एवम् सत्र न्यायाधीश  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले मनाया जाता है, क्योकि इसी दिन देश में चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी, जिसका काम भारतीय संविधान के मुताबिक देश में निष्पक्ष और सफल चुनाव करना है। उन्होंने बताया कि 25 जनवरी 1950 को देश में चुनाव आयोग नाम की संस्था ने जन्म लिया था। उन्होंने बताया कि वैसे तो संख्या के लिहाज से भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा मतदाता है और लिहाज से भारत दुनिया का सबसे बडा लोकतत्र है, लेकिन यह भी सच ही है कि प्रतिशत के हिसाब  से देखें तो भारत में मतदान कई लोकतंत्रो की तुलना में कम है, इसलिए यह भी कहा गया जाता है कि देश में लोग राजनीति के प्रति जितने जागरूक हैं, उनका मतदान में उतना रूझान नहीं है।

उन्होंने कहा कि यूं तो देश का हर वयस्क नागरिक एक मतदाता है, जिसे वोट देने का अधिकार है, लेकिन यह भी समझ लेना और जानना जरूरी है कि वोट देना या मतदान करना अधिकार ही नहीं, बल्कि एक कर्तव्य भी है उन्होंने कहा कि बहुत से लोग इसके महत्व और शक्ति को नजर अंदाज कर देते है, इसलिए जरूरी है कि देश के एक-एक मतदाता को वोट डालने के लिए प्रेरित किया जाए।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार में पाकशाला, अस्पताल, पुरूष बैरक तथा अल्प व्यस्क बैरक का निरीक्षण किया गया अपर जिला एवम् सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार द्वारा उपस्थित बंदियों को संवैधानिक व विधिक अधिकारों की जानकारी दी गयी उन्होंने कहा कि बंदी अपने अधिकारो के प्रति जागरूक हो। उन्होंने महिला कैदियों से उनकी समस्याए सुनी तथा कोई भी कानूनी समस्या होने पर कारागार अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराने अथवा आवेदन पत्र देने की सलाह दी। उन्होंने कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया कि जिन महिला बन्दियों एवम् किशोर अपचारियों के मामले ई-जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते है, उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करें, जिससे उनके मामलों का शीध्र निस्तारण हो सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने अवगत कराया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 11 फरवरी दिन द्वितीय शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर व वाहृय न्यायालय बुढाना में किया जायेगा, जिसमें आपराधिक, 138 एनआई एक्ट, बैक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिका, टेलीफोन, बिजली एवम् पानी के बिल, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद, तथा सिविल वादों का निस्तारण किया जायेगा।