आश्वासन के बाद किसानों का धरना समाप्त

गौरव सिंघल, सहारनपुर। नागल बिजली घर पर मंगलवार से दिया जा रहा किसानों का धरना अधिशासी अभियंता द्वारा ग्रामीणों के विरुद्ध की गई एफआईआर वापस लेने के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। विद्युत विभाग द्वारा भारी पुलिस बल के साथ देहात क्षेत्र में की जा रही छापेमारी तथा ग्रामीणों में एफआईआर का डर दिखाकर ग्रामीणों से अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए भाकियू टिकैत से जुड़े किसानों ने ब्लॉक अध्यक्ष मूसा प्रधान के नेतृत्व में मंगलवार सुबह धरना शुरू कर दिया था। देर शाम तक किसी भी विद्युत विभाग के अधिकारी ने धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचकर किसानों की सुध नहीं ली थी, जिसके चलते किसानों का धरना रात में भी जारी रहा। 

आज किसानों के बीच पहुंचे अधिशासी अभियंता सुधाकर ने किसानों से वार्ता की तथा धरना समाप्त करने की अपील की लेकिन किसान एफआईआर वापस लिए जाने की अपनी मांग पर अड़े रहे, जिस पर किसानों के बीच चली कई दौर की वार्ता के बाद अधिशासी अभियंता द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ की गई एफआईआर वापस लिए जाने के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने कहा कि किसान गन्ना भुगतान न होने के चलते पहले ही भुखमरी के कगार पर है। ऊपर से विद्युत विभाग अकारण ही लोगों को परेशान करने पर तुला है। उन्होंने कहा कि विभाग गरीब, मजदूरों व किसानों पर की जा रही कार्रवाई तुरंत बंद करें अन्यथा किसान यूनियन विद्युत विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।

इस दौरान किसानों ने एक ही स्थान पर लंबे समय तक जमे संविदा कर्मियों का स्थानांतरण किए जाने की मांग भी अधिशासी अभियंता के समक्ष रखी। जिस पर अधिशासी अभियंता ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान योगेंद्र सिंह, मा. रघुबीर सिंह, जितेंद्र चौधरी, भाग सिंह, बबलू, संजय वालिया, नबीस गाड़ा, गोविंदा, सुमित, प्रिंस चौधरी, राहुल चंदेना, देवेंद्र, अमित मुखिया, कपिल मुखिया, कादिर गाडा, आबाद आदि  मौजूद रहे।