पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान बेल्ट में राहुल गांधी ने जीता लोगों का दिल, भारत जोड़ो यात्रा हरियाणा में दाखिल

गौरव सिंघल, सहारनपुर। भारत जोड़ो यात्रा आज शामली से होती हुई हरियाणा में प्रवेश कर गई। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गन्ना पट्टी में अपना असर छोड़ने में सफल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिन इलाकों से राहुल गांधी की पदयात्रा गुजरी वह पूरा क्षेत्र जाट बहुल है और रालोद का दबदबा है। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं राकेश टिकैत और जयंत चौधरी और उनकी पार्टी रालोद के समर्थन ने राहुल गांधी की पदयात्रा को बहुत असरदार बना दिया। शामली में राहुल गांधी का कारवां करीब 24 घंटे रहा। शामली के एलम कस्बे में यात्रा ने प्रवेश किया था और कैराना के ऊंचा गांव होते हुए आज उनकी यात्रा हरियाणा की सीमा में प्रवेश कर गई। जो पानीपत होते हुए हरियाणा में आगे बढ़ेगी।

राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि विपक्ष को संसद में बोलने नहीं दिया जाता है। इसलिए उन्होंने जनता के मुद्दों को उठाने के लिए जनता के बीच आने का फैसला लिया। उन्होंने नौजवानों की बेरोजगारीआमजन की महंगाईकिसानों के गन्ना बकाया का भुगतान का ना होनाकृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में जान देने वाले किसानों की सरकार द्वारा सुध ना लिया जाने जैसे मुद्दे उठाए।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने व्यापार और कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। अग्निवीर योजना के नाम पर युवाओं को ठगा गया है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की मजबूती पर ही विपक्ष की मजबूती का आधार टिका हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी पदयात्रा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जिस तरह का समर्थन मिला है। उससे उम्मीद बंधती है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता बदलाव चाहती है। 

राहुल गांधी की पदयात्रा में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा के सदस्य जयराम रमेश ने कहा कि हमें आरएसएस की विचारधारा से देश को बचाना है। महंगाईबेरोजगारी बड़े मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अरब पतियों के तो करोड़ों रूपयों को माफ कर रही है लेकिन किसान के बारे में कुछ नहीं सोच रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद संजीदगी दिखाई। सहारनपुर के डीआईजी सुधीर कुमार सिंह राहुल गांधी के शामली जनपद में रहने के दौरान शामली में कैंप किए रहे और पदयात्रा की पल-पल की जानकारी लेते रहे। एसपी शामली ने कहा कि पूरी पदयात्रा के दौरान शांति और सद्भाव का माहौल बना रहा।