लव-कुश जन्मस्थली पर लगे मेले में पहुॅंचे 90 हजार से अधिक श्रद्धालु

विवेक जैन, बागपत। हर वर्ष की भॉंति इस वर्ष भी भगवान राम और माता सीता के पुत्रों लव और कुश की जन्मस्थली महर्षि वाल्मीकि आश्रम बालैनी, जनपद-बागपत में दो दिवसीय आखा तीज मेला बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें देशभर से आये श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 

आखा तीज मेला महर्षि वाल्मीकि आश्रम लव-कुश जन्म स्थली जनपद बागपत के संचालक श्री श्री 1008 स्वामी महामण्ड़लेश्वर डॉक्टर अनन्तेश्वर गिरी जी महाराज श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के पावन सानिध्य में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। दो दिवसीय मेले का शुभारम्भ प्रसिद्ध संत अनन्तेश्वर गिरी जी महाराज द्वारा विधि-विधान के साथ महर्षि वाल्मीकि, भगवान शिव, भगवान राम, माता सीता, लव-कुश, पवन पुत्र हनुमान सहित मन्दिर परिसर में विराजमान समस्त भगवान, देवी-देवताओं के पूजन के साथ प्रारम्भ हुआ।
इस अवसर पर उन समस्त लोगों को याद किया गया, जिन्होने त्रेता युग से आज तक आश्रम की सेवा की। अनन्तेश्वर गिरी जी महाराज ने बताया कि इस स्थान पर आखा तीज मेला त्रेतायुग से चला आ रहा है। भगवान श्री राम और माता सीता के पुत्रों लव-कुश का जन्म आखा तीज के दिन इसी स्थान पर हुआ था। इसी उपलक्ष्य में इस स्थान पर हर वर्ष इस विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से 90 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने इस मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी और आश्रम परिसर में स्थित मंदिर में विराजमान भगवान और देवी-देवताओं की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। 
लोगों ने मेले में लगी दुकानों से खरीदारी की और विभिन्न प्रकार के झूलों का लुत्फ उठाया। वाल्मीकि आश्रम लवकुश जन्म भूमि मन्दिर समिति बालैनी द्वारा मेले में आने वाले समस्त अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया और परमेश्वर से सभी के मंगल की कामना की गयी। आखा तीज मेले को सफल बनाने में बालैनी के प्रधान राज, बाखरपुर बालैनी के प्रधान देवेन्द्र, पूर्व प्रधान हरिभगवान, राजू बाखरपुर बालैनी, कमर सिंह दादा बाखरपुर बालैनी, अमीपुर बालैनी के प्रधान करतार सिंह, गजेन्द्र, रामकुमार आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।