श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में विद्यार्थियों के लिये तकनीकी प्रस्तुति का आयोजन किया

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज की इकाई श्रीराम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग संकाय द्वारा विभाग के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के लिये तकनीकी प्रस्तुति का आयोजन किया गया। प्रस्तुति का शीर्षक ’’इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग से जुड़े प्रौद्योगिकी में हालिया रुझान’’ रहा। इस प्रस्तुति प्रतिस्पर्धा में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।

यह प्रस्तुति प्रतिस्पर्धा विद्यार्थियों की प्रस्तुति कला को उभारने एवं तकनीकी दुनिया के नवीनतम आविष्कारों, नवाचारों एवं खोजों से अवगत कराने हेतु आयोजित की गई। इस प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विद्यार्थियों ने विश्व भर में उपलब्ध नवीनतम तकनीकी विषयों की गहराई से जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने चार-चार के समूहों में एक चयनित तकनीकी प्रस्तुति दी। विभिन्न विषयों में 5-जी वायरलेस टैक्नोलॉजी, ऑग्रेनिक इलैक्ट्रॉनिक्स, फ्लैक्सिबल डिस्पले, हैप्टिक टैक्नोलॉजी, मैडिकल इलैक्ट्रॉनिक्स एवं जेम्स वेब स्पेस टैलीस्कॉप आदि रहे।
विद्यार्थियों द्वारा निदेशक, डीन, विभिन्न विभागाध्यक्षों, शिक्षकगणों एवं सहपाठियों के समक्ष प्रस्तुति दी गई। समूह में दी गई प्रस्तुति द्वारा उनकी टीम स्प्रिट, तकनीकी ज्ञान एवं प्रस्तुति की प्रतिभा उजागर हुई। 
इस प्रतिस्पर्धा में जेम्स वेब स्पेस टैलीस्कॉप विषयपर प्रस्तुति देने वाली छात्राकु0 अंशिका पुण्डीर तथा मैडिकल इलैक्ट्रॉनिक्स विषय परकु0 अंजलि व आलिम की टीम प्रथम विजेता रही। ऑग्रेनिक इलैक्ट्रॉनिक्स पर वीरसन एवं 5-जी वायरलेस टैक्नोलॉजी विषयपर प्रस्तुति देने वाली टीम विशु मलिक, दीक्षा व साक्षी की टीम द्वितीय स्थान पर रही। फ्लैक्सिबल डिस्प्ले पर शलेष चौधरी, सागर, हर्ष गौतम व देवांश की टीम तृतीय स्थान पर रही।
प्रतिभागी छात्रों ने अपने विचार इस प्रकार प्रकट किये कि जेम्स वेब स्पेस टैलीस्कॉप एक प्रकार की अवरक्त अंतरिक्ष वेदशाला है। इसका मुख्य कार्य ब्रम्हाण्ड के उन सुदूर निकायों का अवलोकन करना है जो पृथ्वी पर स्थित वेदशालाओं और हर्बल दूरदर्शी की पहुंच के बाहर है। मैडिकल इलैक्ट्रॉनिक्स के अंतर्गत ऐसे डिवाइस बनानो सिखाये जाते हैं जो मैडिकल व स्वास्थय सम्बन्धी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम है। ऑर्गेनिक इलैक्ट्रॉनिक्स अधिक पारिस्थिकी और सस्ते अर्धचालकों के उत्पादन के लिये एक तकनीकी क्रांति हो सकती है जो अधिक गुणों से लैस है, विशेष रूप से ऊर्जा वसूली संरक्षण और प्रकाश व्यवस्था के लिये है। 5-जी तकनीकी एक प्रकार की वायरलैस कनैक्टिविटी है जिसमें रेडियोवेव का प्रयोग होता है। यह मोबाइल नेटवर्क की एक नई टैक्नोलॉजी है और पिछले सभी नेटवर्क के मुकाबले 5-जी नेटवर्क की डाटा क्षेत्र में बड़ी भूमिका होगी।
इस अवसर पर डीन एकेडेमिक्स, डॉ0 सुचित्रा त्यागी द्वारा भविष्य में ऐसी और प्रतिस्पर्धा आयोजित कराने के लिये विभाग को प्रेरित किया तथा इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक प्रतिभागिता कराने के लिये प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिता में विजेता टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। विभागाध्यक्ष इं0 कनुप्रिया एवं प्रवक्ताओं द्वारा विद्यार्थियों के सफल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर इं0 अमित कुमार गुप्ता, इं0 आशीष सिंह, इं0 इन्दु, इं0 अमित कुमार, मैकेनिकल इंजी0 के विभागाध्यक्ष इं0 पवन चौधरी, इं0 अंकुर सैनी, इं0 विवेक अहलावत व गगन कुमार तायल उपस्थित रहे।