छात्रों के साल के बीच में होने वाले शादी समारोह के लिए छुट्टियां लेने पर दारुल उलूम ने जताई गई नाराजगी, नया फरमान जारी

गौरव सिंघल, देवबंद। इस्लामी शिक्षण केंद्र दारुल उलूम प्रबंधतंत्र ने छात्रों के लिए नया फरमान जारी किया है। जिसमें शिक्षा विभाग के प्रभारी मौलाना हुसैन अहमद हरिद्वारी ने छात्रों के साल के बीच में होने वाले शादी समारोह के लिए छुट्टियां लेने पर नाराजगी जताई।  उन्होंने कहा कि दारुल उलूम में छुट्टी हो तभी छात्र शादियों में शिरकत करें। ताकि पढ़ाई का नुकसान न हो। शिक्षा विभाग के प्रभारी मौलाना हुसैन अहमद हरिद्वारी की ओर से जारी ऐलान में कहा गया है कि संस्था के छात्र परिजन या परिचितों की शादियों में शामिल होने के लिए लगातार छुट्टियां ले रहे हैं। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लगातार अवकाश से शिक्षा पर खासा प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए परिजन और परिचितों को यह मशविरा दें कि समारोह में शामिल होना जरुरी है तो वह शादियों की तिथि ऐसे दिनों में तय करें जब दारुल उलूम में छुट्टी रहती हो। मौलाना हुसैन ने कहा कि छात्रों को साल के बीच में छुट्टी लेने से बचना चाहिए। क्योंकि वर्ष के आखिर में जब हाजरी (उपस्थिति) काउंट की जाती है तो सभी छुट्टियां गैर हाजिर रहने में शामिल होती हैं। जबकि वर्ष में 75 प्रतिशत उपस्थित रहना अनिवार्य है। संस्था के नये फरमान से छात्रों में मायूसी का माहौल बना हुआ है। उन्होंन कहा कि छात्र ईद के बाद, बकरीद के मौके पर या फिर रमजान माह से पहले शादियां करने का मशविरा घर वालों को दें क्योंकि शादियों की वजह से लगातार गैर हाजिर रहने से छुट्टी करने वाले छात्र पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। साथ ही उनका मन भी पढ़ाई से हटने लगता है।