केएलजीएम इन्टर कालेज में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

गौरव सिंघल, सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष  जनपद न्यायाधीश बबीता रानी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में के0एल0जी0एम0 इन्टर कालेज नकुड में बाल दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमिता ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उददेश्य है कमजोर तबके, जरूरतमदों, महिला, बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना तथा उनको मौलिक अधिकारों व कर्तव्यो के प्रति जागरूक करके सशक्त बनाना हैं। उन्होने कहॉ कि कानून व सरकारी योजनायें जरूरतमदों तक पहुॅचे इसके लिये उसके बारे में जानना जरूरी है और केवल जानकारी तक ही सीमित नही रहना बल्कि उसके लाभ को भी प्राप्त करना है। साथ ही कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुॅचाने के लिये सम्बन्धित विभागों को तत्परता दिखनी होगीा ताकि आम जनता पात्र होते हुए भी योजनाओ के लाभ से वंचित न रह जायें। यानि जरूरत है जागने की, अपने विकास व सुरक्षा के लिये बने कानूनो व सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक होने की जागरूकता ही सशक्तीकरण का पहला कदम हैैं। बाल दिवस के अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बालकों के मौलिक अधिकारों, शिक्षा का अधिकार, पोषण व स्वास्थ्य का अधिकार, जीवन कस अधिकार, शोषण के विरूद्व अधिकार के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। सचिव ने बच्चों को प्रेरित करते हुये कहा कि सफलता को कोई शार्टकट नही है केवल और केवल अपनी बुनियाद मजबूत रखे ताकि देश का भविष्य उज्जवल हो। मेहनत से मंजिल मिलती है आप सभी देश का भवष्यि है। सविच ने बालश्रम निषेध, बाल विवाह निरोध कानून, कन्या भू्रण हत्या निषेध, दहेज प्रथा निषेध कानून, पोक्सो एक्ट एवं  Victim Compensation scheme 2014 के बारें में विस्तार से बताया। इस अवसर पर काफी संख्या में स्कूल के छात्र एवं छात्रायें, अध्यापिकायें, अध्यापकगण, आदि मौजूद रहे।