तीसरे दिन व्रतियों ने अस्तांचल सूर्य को दिया अर्घ्य
गौरव सिंघल, सहारनपुर। पूर्वांचल के महापर्व छठ पूजा के तीसरे दिन व्रतियों ने अस्ताचल सूर्य भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। व्रतियों ने विश्व कल्याण शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। गंगोह रोड स्थित बड़ी नहर पर चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर छठी मैया के पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। हजारों की संख्या में पहुंचे पूर्वांचल वासियों ने विश्व कल्याण की कामना की। 
बड़ी नहर छठ घाट पर छठ पूजा सेवा समिति ने भव्य आयोजन किया है। समिति ने नहर के बीचो बीच छठी मैया का मंदिर बनाया है। इतना ही नहीं घाट पर गेट, मंच, खोया-पाया, चाय-पानी की व्यवस्था तक समिति ने किया। पुलिस की देखरेख और नगर निगम के सहयोग से छठ पूजा सेवा समिति भव्य आयोजन को मूर्त रूप देने में कामयाब रही है। इस अवसर पर पूर्वांचल बिहार प्रदेश के विभिन्न कोनो से जुड़े हुए लोगों ने एकता का संदेश दिया।
घाट पर पहुंचे पूर्व सांसद राघव लखन पाल शर्मा ने व्रतियों और पूर्वांचल वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्व में एकमात्र छठ पर्व ही ऐसा पर्व है जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मनाया जाता है। इसमें संध्याकाल में अर्घ्य देने की परंपरा इस महापर्व  को महान बनाती है। उन्होंने कहा छठ पूजा सेवा समिति के सदस्य पूर्वांचल की संस्कृति, सभ्यता और परंपरा को आगे लाने में कामयाब रही है जिसके लिए समिति बधाई के पात्र हैं। मौके पर पहुंचे भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने सभी पूर्वांचल वासियों को शुभकामना देते हुए, भव्य कार्यक्रम और उस में सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर समूचे प्रदेश में छठ महापर्व को धूमधाम से मनाया जा रहा है। पूर्व विधायक संजय गर्ग ने घाट परिसर पर उपस्थित व्रतियों को उनके सेवा समर्पण त्याग के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह एकमात्र ऐसा पर्व है जो जोड़ने का मंत्र देता है। कार्यक्रम स्थल पर जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात, सीडीओ, सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई गणमान्य अधिकारियों ने ने केवल उपस्थिति दर्ज करवाई बल्कि व्यवस्था का भी जायजा लिया।
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए आयोजक ठाकुर रामाशंकर सिंह ने बताया कि छठ पूजा सेवा समिति भव्य आयोजन के लिए संकल्पित है। उन्होंने बताया कि यह त्यौहार पूर्वांचल की एकता अखंडता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस त्यौहार में 4 दिन तक महिलाएं पवित्रता और अनुशासन के साथ इस पर्व को करती हैं। आज तीसरे दिन भगवान भास्कर को अस्तांचल अर्घ्य देती हैं। 36 घंटे के निर्जला व्रत के दौरान महिलाएं जमीन पर सोती है और इस दौरान पूरी पवित्रता को ध्यान में रखा जाता है। छठ पूजा सेवा समिति के संयोजक ठाकुर पवन सिंह, अध्यक्ष संतोष शाह निरहुआ, महामंत्री अनिल गिरी ने संयुक्त रूप से बताया कि 36 घंटे तक निर्जला व्रत का यह पर्व 4 दिन तक चलता है जिसमें अंतिम 36 घंटे निर्जला व्रत रखा जाता है। कल सूर्योदय के अर्घ्य के साथ ही यह व्रत समाप्त होगा। उन्होंने बताया कि यह त्यौहार सबसे पहले सीता जी ने किया था। उसके बाद महाभारत काल में सूर्यपुत्र कर्ण ने भी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया था। 
घाट पर छठ पूजा सेवा समिति के उपाध्यक्ष सोनू सिंह, आयोजन समिति से राकेश राणा, प्रदीप शर्मा टीनू भाई साहब, नीरज रोहिला, राज कुमार त्यागी, संदीप धीमान, बलराम सिंह, उदय सिंह, आनंद कुमार, हरशरण तिवारी, आरपी यादव, रामाशीष यादव, ठाकुर अशोक सिंह, अर्जुन यादव, सनी राय, राकेश कुमार, रोहित बिष्ट, विजय यादव, संदीप यादव, प्रेम सिंह, संतोष शाह, संतोष चौहान, तनु शाह, विशालदीप, बृजेश सिंह, सावन यादव, राजकुमार आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।