राष्ट्रपति ने की टीबी मुक्त भारत अभियान की घोषणा, निक्षय 2.0 के लोकार्पण का सजीव प्रसारण किया

गौरव सिंघल, सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन एवं आईजीआरएस तथा विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक हुयी। बैठक में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने आईजीआरएस प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि समस्त विभागाध्यक्ष अपने कार्यालयों में प्रातः 10ः00 से 12ः00 बजे जन शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें साथ ही प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल भी चेक किया जाए।

जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि शिकायतों के लिए जारी किये गये टोल फ्री नम्बर का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराया जाए। नगर निगम के टोल फ्री नम्बर 18001803316 एवं विद्युत विभाग के टोलफ्री नम्बर 1912 पर संबंधित विभाग की शिकायतों को शिकायतकर्ता अपनी शिकायत पंजीकृत करा सकते है। उन्होने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर कोई भी शिकायत लम्बित न रहे और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएं, साथ ही शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए। 

उन्होंने कहा कि आईजीआरएस प्रकरणों के संदर्भ में सभी विभाग सुनिश्चित करें कि जनपद की रैकिंग प्रदेश स्तर पर उच्च स्थान पर रहे। उन्होने समीक्षा बैठक में विभागवार पेंडिंग प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए। जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी, इसके साथ ही साथ कार्यालयाध्यक्ष आईजीआरएस प्रकरणों का संज्ञान स्वयं लें एवं शिकायत रजिस्टर बनाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के भ्रमण के संदर्भ में पुलिस विभाग से संबंधित निर्देशों के अन्तर्गत लाउडस्पीकर हटवाये जाने की यथास्थिति, अवैध टैम्पो एवं बस स्टैण्डों, मादक पदार्थों की रोकथाम एवं तस्करी पर की गयी कार्यवाही, खनन माफियाओं के विरूद्ध की गयी कार्यवाही, थानों के बाहर खडे वाहनों का निस्तारण की भी बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होने निर्देश दिए कि कोई भी आख्या प्रस्तुत करते वक्त तथ्यों सहित उपलब्ध करवायी जाए। साथ ही पुलिस के अतिरिक्त अन्य विभाग जो कि प्रकरणों से संबंधित है वह पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बेहतर निस्तारण करें। 

मां शाकुम्भरी राज्य विश्वविद्यालय में हो रही प्रगति से अवगत होने के बाद उन्होंने विद्युत संबंधी आ रही समस्या के निस्तारण के लिए संबंधित को यथाशीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के सामने अवस्थित इण्टर कॉलेज में साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई करवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी निर्माण कार्यों के अन्तर्गत निर्माणाधीन स्पोर्टस कॉलेज बेहट, खाद्य औषधि एवं प्रशासन विभाग की नानौता में निर्माणाधीन लैब, आईटीआई गंगोह, नकुड विधानसभा में डिग्री कॉलेज के लक्ष्य के सापेक्ष कार्य की प्रगति के बारे में अवगत हुए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग निर्धारित समय सीमा के अन्दर गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित करें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 

जिलाधिकारी ने खनन माफियाओं पर कार्यवाही के लिए सभी विभागों से अपने स्तर पर सूचना देने की अपेक्षा की, ताकि जनपद में खनन माफियाओं के वर्चस्व को खत्म किया जा सके। इस संदर्भ में प्रवर्तन का कार्य करने वाले सभी विभाग समन्वय स्थापित करते हुए इस कार्य में तेजी लाएं। उन्होने निर्देश दिए कि चारागाहों एवं तालाबों को शत-प्रतिशत अवैध कब्जा मुक्त कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि राजस्व संग्रह वाले विभाग कर की चोरी रोकने एवं राजस्व बढाने के लिए रणनीति बनाकर कार्यवाही करें। उन्होने कहा कि राजस्व संग्रह वाले विभागों की नियमित रूप से समीक्षा की जायेगी। उन्होने राजस्व की वृद्धि के लिए वाणिज्य कर विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही की जानकारी लेते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होने अन्य राजस्व के विभागों आबकारी, परिवहन, स्टाम्प से भी राजस्व वृद्धि के लिए किये गये प्रयासों की जानकारी लेते हुए प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सभी कार्यालयाध्यक्षों से प्रीकॉशन डोज के संबंध में प्रमाण पत्र लिया जाए कि उनके सभी अधीनस्थों ने प्रीकॉशन डोज लगवा ली है। उन्होने स्कूल चलो अभियान के तहत बेसिक शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली एवं सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से बच्चों के लिए दिये जा रही धनराशि का सत्यापन करें एवं उनके अभिभावकों को प्रोत्साहित करें कि जो धनराशि जिसके लिए दी जा रही है, उसी मद में खर्च करें। उन्होने कहा कि यदि किसी परियोजना में धन का अभाव है तो तत्काल शासन को पत्र भिजवाएं एवं सभी विभाग जनपद में निवेश बढाने के लिए संभावनाएं तलाशें तथा इसके लिए कार्ययोजना बनाकर पेश करें। उन्होने कहा कि संबंधित विभाग यह भी ध्यान रखें कि किसी भी निवेशकर्ता को किसी भी प्रकार की समस्या न आए और समयबद्ध तरीके से उनके प्रकरणों को निस्तारित किया जाए। 

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान की घोषणा एवं निक्षय 2.0 का लोकार्पण किया गया, जिसका सजीव प्रसारण विकास भवन में उपस्थित सभी अधिकारियों द्वारा देखा गया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी से मुक्ति के लिए जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होने कहा कि इस जनसहभागिता के अन्तर्गत समाजसेवी संस्थाओं, समाज के सक्रिय व्यक्तियों को बढकर आगे आना पडेगा। उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों के अन्तर्गत 2030 में टीबी खत्म करने के लिए कहा गया, लेकिन हमने 2025 में ही टी0बी0मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल की टीबी मुक्त भारत बनाने के क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्यों की भी प्रशंसा की। 
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अमित कुमार सहित सभी कार्यालयाध्यक्ष उपस्थित रहे।