लम्पी स्किन डिजीज बीमारी की रोकथाम के सम्बन्ध में बैठक आयोजित, गोआश्रय स्थलों में संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में लम्पी स्किन डिजीज बीमारी की रोकथाम के सम्बन्ध में बैठक का आयोजन किया गया बैठक में एलएसडी बीमारी की रोकथाम हेतु रणनीति बनाते हुए जिलाधिकारी तथा पशु पालन विभाग ने निदेशक ने जनपद के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये

प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 दिनेश कुमार ने अवगत कराया कि जनपद में एलएसडी बीमारी पशुओं में पायी गयी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 2221 पशु बीमारी से ग्रसित चिन्हित किये गये है, जिनमें से 475 बीमारी से ग्रसित पशु ठीक हो गये है तथा 06 गोवंश की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी एक संक्रामक रोग विषाणुजनित बीमारी है अधिकाशतः यह बीमारी गोवंशीय पशुओं में पायी जाती है, रोग का संचरण,फैलाव, प्रसार पशुओं में मक्खी, चीचडी एवं मच्छरों के काटने से होता है। उन्होंने बताया कि
इस बीमारी से प्रभावित पशुओं को बुखार होना, पूरे शरीर में जगह-जगह नोड्यूल/गॉठों का उभरा हुआ दिखाई देना है। बीमारी से ग्रसित पशुओं मृत्यु दर अनुमानित 1 से 5 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि बीमारी की रोकथाम हेतु आवश्यक है कि बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना, पशुओं में बीमारी को फैलाने वाले घटकों की संख्या को रोकना अर्थात् पशुओं को मक्खी, चीचडी, मच्छरों के काटने से बचाना, पशुशाला की साफ-सफाई दैनिक रूप से करना तथा डिस्इंफेक्शन (जैसे-चूना आदि) को स्प्रे करना, मृत पशुओं केे शव को गहरे अर्थात् न्यूनतम 5-6 फीट गहरे गड्ढे में  दबाया जाना आवश्यक है। पशु पालको से अनुरोध है कि वह अपने बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशु से अलग बॉधे।
उन्होंने बताया कि बीमारी को फैलने से रोकने के लिये जनपद में लगने वाली पशु पैठों को आगामी आदेशों तक बन्द करने की रोक लगा दी गयी है ताकि पशुओं के परिवहन को रोका जा सके। समस्त उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारियों/पशु चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में गोआश्रय स्थलों में संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश दिये गये। पशु पालक रोग के प्रकोप होने पर निकटतम सरकारी पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करे तथा उन्ही से अपने पशुओ का उपचार कराये। उक्त बीमारी के सम्बन्ध में सूचना आदान-प्रदान करने तथा बीमारी की सूचना उपलब्ध कराने के लिये जनपद स्तर पर कलेक्ट्रेट, मु0नगर में स्थापित कन्ट्रोल रूम नं0-9897715888, 9897749888 पर सूचित कर सकते है।
बैठक में उप जिलाधिकारी, खतौली, बुढाना, जानसठ, एसपी ट्रेफिक, अपर निदेशक पशु पालन विभाग, सहारनपुर मण्डल, संयुक्त निदेशक पशु पालन निदेशालय, जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, समस्त तहसीलदार, समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक डाॅ. इंद्रमणि ने आज ब्रह्म कुमारी आश्रम की गौशाला का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक सहारनपुर मंडल डॉक्टर आनंद सोलंकी, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी शशांक व बहन कुमारी जयंती आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आश्रम की गौशाला मैं उपस्थित देसी नस्ल की गाय साहिवाल गिर कांकरेज थारपारकर राखी आज गांव का वाउ से उत्पन्न बजे बच्चियों का निरीक्षण किया गया।
इसके साथ ही लखनऊ से पधारे पशुपालन विभाग के निदेशक निदेशक ने बघरा ब्लॉक क्षेत्र में फैली लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और उपचार आज से अवगत होकर विभाग को पशुपालकों की हर संभव चिकित्सा चिकित्सा के लिए स्पष्ट निर्देशित किया।