विद्युत विभाग की कार्यशैली: कुछ तो गड़बड़ है जिसकी पर्दादारी है

 

शि.वा.ब्यूरो, खतौली। अपनी विचित्र कार्यशैली एवं भ्रष्टाचार के लिए हमेशा चर्चाओं में रहने वाले विद्युत विभाग की एंटी थेफ्ट की टीम ने आज फिर अपनी विचित्र कार्यशैली का नमूना पेश किया है।
हुआ यूं कि आज बुढ़ापे के समीप स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय पर विभागीय एंटी थेफ्ट टीम ने विद्युत चोरी के मामले में पकड़े गए एवं बकाया विद्युत बिल को जमा कराने सहित संबंधित मामलों का निराकरण करने के लिए एक शिविर का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उप शिविर के संबंध में प्रातः 11:30 पर एक फ्लेक्स बैनर लगाया, चार पांच कुर्सियां डाली गई और विभाग के तो कर्मचारियों को उपभोक्ता बनाकर फरियादी के रूप में खड़ा किया गया और उनकी पहचान छुपाने की गर्व से पीठ पीछे से फोटो खींचे गए और केवल साथ 8 मिनट चले इस नाटक के बाद वहां फ्लेक्स बैनर को तह करके रख दिया गया और कथित रूप से विद्युत विभाग की एंटी थेफ्ट की के कर्मचारी श्रीपाल अपने सहयोगी पुलिसकर्मी के साथ वहां से उठकर चले गए।
उक्त के संबंध में स्थानीय विभागीय अवर अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि कैंप में अमूमन कोई भी अपना बकाया बिल जमा कराने नहीं आता और नहीं कैंप में कोई राहत ही दी जा सकती है, इसलिए कैंप में बैठने का कोई फायदा नहीं है, लेकिन वह इस बात का कोई जवाब नहीं दे पाए कि आखिर साथ 8 मिनट के लिए कैंप लगाकर और कुछ पोज्ड फोटो खिंचवा कर आखिर विभाग या जनता के हित में कौन सा कार्य किया गया। 
उक्त के संबंध में विभाग के अधिशासी अभियंता सोनम सिंह ने शिक्षा वाहिनी को बताया कि कैंप लगाने के लिए ऊपर से आला अधिकारियों का कोई निर्देश नहीं था। यह कैंप स्थानीय स्तर पर ही आयोजित किया गया था, लेकिन वह भी इस बात का कोई जवाब नहीं दे सके की साथ 8 मिनट के इस कैंप से विभाग, सरकार या जनता का क्या लाभ हुआ। जब उनसे कैंप में शामिल कथित रूप से एंटी थेफ्ट टीम के अक्षर का नाम वह मोबाइल नंबर मांगा गया तो उन्होंने उक्त अवसर का नाम श्रीपाल बताया लेकिन फोन नंबर बताने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि क्योंकि उन्हें कोई सीयूजी नंबर इलाज नहीं किया गया है इसलिए उनका निजी नंबर नहीं बता सकते। उन्होंने एंटी थेफ्ट इनमें शामिल कथित श्रीपाल का पदनाम बताने से भी साफ इंकार कर दिया।
जानकारों की माने तो पब्लिक के लिए आयोजित किए जाने वाले कैंप के संबंध में इतनी परवाह बारी किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करती है जिसने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल दिखाई पड़ते हैं।