एसडी कालेज आॅफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में शिक्षक दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित
शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी कालेज आॅफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में शिक्षक दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन में समस्त् शिक्षकों का छात्र/छात्राओं ने स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्ष व निवर्तमान एडीजीसी तरूण गोयल, मुख्य वक्ता प्रो0 आरएमतिवारी, संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो0 (डा0) एसएन चैहान, प्राचार्य डा0 एके गौतम व डीन डा0 पारेश कुमार द्वारा माता सरस्वती के समक्ष संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित करके किया गया। कार्यक्रम में बीटेक व डिप्लोमा पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं के लिये ग्रीटींग कार्ड प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता व स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष तरूण गोयल ने कहा कि शिक्षक और माता-पिता ही ऐसे व्यक्ति है, जो अपने बच्चों और शिष्यों को आगे बढ़ता देखकर खुश होते है। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा का ज्ञान दिया जाना चाहिये, क्योंकि गूगल सूचना दे सकता है, परन्तु विश्लेषण नही। उन्होंने कहा कि जीवन के हल के लिये हमें उसे पढ़ना ही होगां।
बतौर मुख्य वक्ता प्रो0 आरएम तिवारी ने कहा कि इस परम्परा ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है। उन्होने गुरूओं का उहाहरण देते हुये बताया कि जैसे शस्त्र विद्या में प्रभु श्री रामचन्द्र के गुरू विश्वामित्र थे। गुरूकुल कैसे शिक्षा देता है इसका उन्होने विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गुरूकुल में जीवन दर्शन की शिक्षा दी जाती है। शिक्षक दिवस महत्ता को शब्दों में व्यक्त कर पाना अत्यन्त ही दुर्लभ कार्य है। उन्होंने कहा कि समाज में नई जेनेरेशन का दायित्व सर्वाधिक है, नैतिकता एवं मानव मूल्यों को ध्यान में रखकर प्रगति पथ पर श्रद्धा एवं तत्परता के साथ चलकर नाम रोशन करें।
इस अवसर पर कालेज के अधिशासी निदेशक प्रो0 (डा0) एसएन चैहान ने कहा कि डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन पहले भारतीय थे, जिन्होने आॅक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अध्यापन किया, वे आद्यात्म व दर्शन के मनीषी थे। उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। समस्त शिक्षक समाज के लिये गौरव की बात है। डा0 चैहान ने कहा कि गुरू शिष्य परम्परा भारतवर्ष की धरोहर रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये महापुरूषों से प्रेरणा लेने का आहवाहन किया। डा0 चैहान ने छात्र जीवन को अत्यन्त महत्वपूर्ण बताते हुये कहा कि इस काल की गति से कुछ एवं कोई भी बचा नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की धुरी है, शिक्षक राष्ट्र निर्माता है, लेकिन काल की गति ने शिक्षक को गुरू से शिक्षक और शिक्षक से अध्यापक बना दिया। उन्होंने कहा कि अध्यापक बताता है, शिक्षक सिखाता है एवं गुरू गंतव्य तक पहुँचाता है। उन्होंने कहा कि सदगुरू या सतशिक्षक ही व्यक्ति निर्माण कर सकता है जिससे सुदृढ़ समाज एवं राष्ट्र का निर्माण होता है। जो समाज शिक्षकों का सम्मान नहीं करता वह समाप्त हो जाता है ‘‘यथा देवे पराभक्ति, यथा देवे तथा गुरू।।’’ कालेज प्राचार्य डा0 एके गौतम ने आधुनिक समाज में शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डाला। डा0 गौतम ने कि भारतीय गुरू शिष्य परम्परा पर आधारित नैतिक शिक्षा ही समाज में व्याप्त असंतोष, भय, भ्रष्टाचार को दूर कर सकती है।
कार्यक्रम की संयोजक पारूल गुप्ता ने प्रतियोगिता में विजयी छात्र-छात्राओं के नामों की घोषणा की। ग्रीटींग कार्ड प्रतियोगिता में नेहा सिंह ने प्रथम, प्रियांशी गुप्ता द्वितीय तथा तान्या उपाध्याय व पलक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता इशिका एवं वरिशा ने प्रथम, तान्या गर्ग द्वितीय, तान्या उपाध्याय तृतीय व नेहा जैन को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता विशाखा सिंघल प्रथम, मौ0 वाशी द्वितीय एवं स्वाती कुशवाहा तृतीय स्थान पर रही। साथ ही स्वाती एवं शिवी चैहान ने अपने विचार प्रस्तुत किये। इस अवसर पर संस्थान के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों विभिन्न प्रकार के गेम्स भी खिलाये। इस अवसर पर डा0 पारेश कुमार, डा0 आरटीएस0 पुंडीर, डा0 विकास कुमार, डा0 योगेश कुमार शर्मा, अभिषेक राय, मनोज झा, डा0 नवीन द्विवेदी, अकंुर सक्सेना, जितेन्द्र कुमार, अमित गुप्ता, नीरज कुमार, बबलू कुमार, नवनीश गोयल, अंकित गर्ग, डा0 नितिन गुप्ता, सचिन संगल, मृदुल शर्मा, आशुतोष, संगीता अग्रवाल, विकास आर्या, राजेन्द्र कुमार, शिवानी कौशिक, अलका अग्रवाल, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार, धीरज कुमार, आकाश कुमार, गोपाल, ब्रजमोहन आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।