एसडी कालेज आॅफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन आयोजित
शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी कालेज आॅफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी में स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्ष महेन्द्र आचार्य, डा0 अ0 कीर्तिवर्धन, पं0 संजीव शंकर, संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो0 (डा0) एसएन चैहान, प्राचार्य डा0 एके गौतम व डीन डा0 पीके पुंडीर ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम में अतिथि कवि के रूप में रामकुमार शर्मा, पंकज कुमार शर्मा, देवेन्द्र कुमार तोमर (एडवोकेट) एवं लक्ष्मी डबराल, सुमन प्रभा, सुमन युगल अतिथि कवयित्री के रूप में उपस्थित रही।
इस अवसर पर संयोजक डा0 अ0 कीर्तिवर्धन ने देश के शहीदों को स्मरण करते हुये कहा- वो देखें कैसे-कैसे, कष्ट उठाये दीवानों ने दी खुद कुर्बानी, तब आजादी पायी थी। अतिथि कवि रामकुमार शर्मा रागी ने भारत के तिरंगे पर रचित एक बहुत ही सुन्दर रचना प्रस्तुत की- यही तमन्ना रही है मन में, तिरंगा प्यारा रहे गगन में, नही झुका है नही झुकेगा, किसी के आगे ये सर हमारा, चलो उठाकर तिरंगा प्यारा। पंकज कुमार शर्मा ने देश के वीरों का याद करते हुये कहा- आज तुम्हारे कारण अपनी गौरवशाली गाथा है, तुम जैसे सूरज से ऊँचा हमारा माथा है। देवेन्द्र कुमार तोमर (एडवोकेट) ने देश के वीर शहीदों पर भावविभोर कर देने वाली रचना प्रस्तुत की- आज हम सुनायें सबकों वीरों की कहानी, आजादी है ये सब उनकी निशानी, कैसे बांके वीर थे वो कैसी थी कुर्बानी।
राहुल वशिष्ठ ने कहा- राष्ट्रपर्व 15 अगस्त हम भारतवासी मना रहे है, लिये तिरंगा ध्वज हाथों मे शौर्यगाथा सुना रहे हैं। अतिथि कवयित्री लक्ष्मी डबराल ने अपनी रचना में कहा- मै हर दिन स्वतन्त्रता दिवस की तरह मनाती हूँ, गाती हूँ गीत आजादी के, भारत का मान बढ़ाती हूँ। सुमन प्रभा ने देश में बढ़ते हुये भ्रष्टाचार के खिलाफ कहा- ‘धोखेबाजों का हो रहा हर जगह मान है, क्या यही मेरे भारत की पहचान है। सुमन युगल ने सेना के वीर जवानों का स्मरण करते हुये कहा- बटालिक की चोटियों ने फिर से पुकारा है, पीछे हटों घुसपैठियों कश्मीर हमारा है। अनुष्का त्यागी ने कहा- जितनी वेदों में दिखती है वो सारी खोज हमारी है, जितनी औरों का बिकती है वो सारी निधि हमारी है।
संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो0 (डा0) एसएन चैहान ने अपने संदेश में कहा कि सबसे पहले हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना चाहिए, जिन्होंने इस देश को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। यह दिन हमें महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, लाला लाजपत राय, रामप्रसाद बिस्मिल समेत सैंकड़ों महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है। उन्हांेने कहा कि साइंस, टेक्नोलॉजी, आर्थिक, कृषि, शिक्षा, साहित्य, खेल समेत तमाम मोर्चों पर भारत बहुत तरक्की कर चुका है। विकास के हर क्षेत्र में भारत बहुत आगे बढ़ चुका है। डा0 चैहान ने कहा कि यह भी सच है कि आजादी मिलने के इतने बरसों बाद भी आज भारत अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा, नक्सलवाद, आतंकवाद, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी समस्याओं से लड़ रहा है। हम सभी को एक होकर इन समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। एक होकर प्रयास करने से श्रेष्ठ और विकसित भारत का निर्माण होगा। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डा0 एके गौतम ने वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजली देते हुये कहा कि फिर उड़ गई नींद मेरी यह सोचकर की शहीदों का बहा वो खून मेरी नींद के लिये था। कार्यक्रम में डा0 पीके पुंडीर, डा0 आरटीएस पुंडीर, डा0 योगेश शर्मा, डा0 विकास कुमार, अभिषेक राय, डा0 प्रगति शर्मा, मनोज झा, अंकुर सक्सेना, डा0 संदीप कुमार, डा0 नितिन गुप्ता, पारूल गुप्ता, पुनित गोयल, बबलू कुमार, अमित गुप्ता, नीरज कुमार, जितेन्द्र कुमार, अंकित गर्ग, विकुल कुमार, संगीता अग्रवाल, शिवानी कौशिक, आकृति शर्मा, राजेन्द्र कुमार, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार, अनुज कुमार, धीरज कुमार, ब्रजमोहन गोपाल आदि का सराहनीय सहयोग रहा।