प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने के लिए केवाईसी जरूरी
शि.वा.ब्यूरो,मुजफ्फरनगर। गर्भवती महिलाओं को उचित खानपान एवं पोषण के लिए देश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) चल रही है। योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को तीन किश्तों में 5000 रुपये की धनराशि दी जाती है चाहे प्रसव सरकारी में हो या निजी अस्पताल में गर्भवती महिला का सरकारी स्वास्थ्यए इकाई में 150 दिनों के अंदर पंजीकृत कराकर, आवेदन पत्र 1 ए, जच्चा बच्चा कार्ड (एम० सी० पी०) पहचान पत्र की कॉपी एवं बैंक/पोस्ट ऑफिस अकाउंट पासबुक की कॉपी आशा बहनजी को जमा करनी होगी। माँ बनने की जानकारी होने पर पहली किस्त मे एक हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा। प्रसव पूर्व कम से कम एक बार जांच कराकर 180 दिन बाद कागजों के आवेदन प्रपत्र 1 बी एवं जच्चा कार्ड जमा करना होगा। इसके बाद दूसरी किस्त 6 माह बाद 2 हज़ार रूपए का किया जाएगा। बजे के जन्म के बाद पंजीकरण, टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी कराकर आवेदन प्रपत्र 1 सी जच्चा बच्चा कार्ड, आधार कार्ड एवं शिशु जन्म प्रमाण पत्र जमा करना होगा इसके साथ ही तीसरी किस्त का 2000 रूपए का भुगतान लाभार्थी को किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सरकार की एक महत्तवकाशी योजना है इस योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी न हो इसके लिए जरूरी है कि इस योजना से जुड़े नियमों को लाभार्थी समझ लें। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाले लाभ के लिए लाभार्थी का बैंक में केवाईसी होना (नो योर कस्टमर जरूरी है। केवाईसी अपडेट होने पर ही लाभार्थी को योजना का लाभ मिल सकेगा। केवाईसी के लिए प्रथम बर गर्भवती महिलाओं को बैंक जाकर अपने खाते में अपनी आई0डी0 प्रूफ जमा करना होगा एवं बैंक की आईएफएस कोड की जानकारी आशा के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में उपलब्ध करानी होगी ताकि उनका शीघ्र भुगतान किया जा सके। योजना के नोडल अधिकारी डा0राजीव निगम ने बताया कि पिछले दिनों कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय हुआ है, जिस कारण बैंकों के आईएफएस कोड भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता बदल गये हैं। इस वजह से बहुत से लाभार्थियों को भुगतान संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विमान के प्रयास से जनपद को मंडल में प्रथम एवं राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त हुआ। ए0सी0एम0ओ0 ने बताया कि पी०एम०एगानीoनाई के स्टेट हेल्पलाइन नंबर 7998799804 पर संपर्क कर लाभार्थी अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं। योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक रुची श्रीवास्तव ने बताया कि योजना के सभी लाभार्थियों को भुगतान किया जा रहा है। योजना के तहत जनवरी 2017 से अब तक जिले में करीब 24,07,12000 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बाकी जो लाभार्थी रह गये हैं उनको शीध्र ही भुगतान करा दिया जाएगा। योजना के तहत करीब 58862 पंजीकृत लाभार्थी हैं। शासन की ओर से पहली बार मां बनने वाली हर महिला को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपलब्धि के लिहाज से यह 84 प्रतिशत है।