काला गेहूं
काले प्रजाति के गेहूं में प्रोटीन और एंटी ऑक्सीडेंट ज्यादा होते हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि काले गेहूं की प्रजाति (नाबी एमजी) में आयरन, जिंक और एंटी ऑक्सीडेंट सामान्य गेहूं की प्रजातियों से ज्यादा हैं। इसका बीज छह से नौ हजार रुपये प्रति क्विंटल है।काले गेहूं के फायदे: आमतौर पर दुनिया में भूरे रंग के गेहूं का भोजन के रूप में उपयोग किया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी काले गेहूं के बारे में सुना है। काले गेहूं में फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम, कार्ब्स जैसे जरूरी पौषक तत्व पाए जाते हैं जो दिल की बीमारियों के साथ शरीर में ब्लड शुगर कम करने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में आज हम आपको काले गेहूं के फायदे बता रहे हैं, जो आपकी सेहत के लिए काफी मददगार है। तो चलिए जानते हैं काले गेहूं के फायदे.काले गेहूं के फायदे: काले गेहूं सर्दियों में दिल की धड़कन को सामान्य रखता है। काले गेहूं का सेवन हर मौसम में किया जा सकता है क्योंकि इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अधिक होती है। जो आपको हर मौसम में फिट एंड हेल्दी रखता है। काले गेहूं का आटा भी आप खा सकते हैं। तो आइए जानते हैं क्या होता है काला गेहूं ? और क्या हैं काले गेहूं के फायदे ? क्या हैं काले गेहूं ? काले गेहूं , एक साबुत अनाज की जगह एक तरह के बीज होते हैं जिनका भोजन के रूप में सेवन किया जाता है। इनकी खासियत ये है कि ये अन्य अनाज की तरह घास पर नहीं उगते हैं। ये अन्य सामान्य छद्मकोशिकाओं वाले अनाज क्विनोआ और ऐमारैंथ के समूह में शामिल हैं। हाई ब्लड प्रेशर में लाभ इसके नियमित सेवन करने से शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल में उपयोगी होने के अलावा, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर होता है डायबिटीज में असरदार मधुमेह वाले लोगों के लिए सबसे उपयोगी होता है क्योंकि इसका सेवन करने से रक्त शर्करा यानि ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है। आंतों के इंफेक्शन को खत्म करने में कारगर रोजाना काले गेहूं का अलग अलग रूपों में सेवन करने से शरीर में फाइबर का स्तर बेहतर होता है और आंतों के इंफेक्शन को ठीक करने में मदद मिलती है
नए ऊतकों को बनाने में कारगर काले गेहूं में मौजूद जरूरी पौषक तत्वों में से एक फास्फोरस भी होता है, जो शरीर में नए ऊतकों को बनाने के साथ उनके रखरखाव में अहम भूमिका निभाता है जिससे शरीर सुचारु रुप से कार्य कर सके। एनीमिया काले गेहूं में प्रोटीन, मैग्नीशियम के अलावा आयरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है । ऐसे में अगर आप रोजाना काले गेहूं का सेवन करते हैं, तो शरीर में रक्त की कमी यानि एनिमिया की बीमारी को दूर किया जा सकता है। इससे शरीर में आक्सीजन का स्तर सही रहता है। शरीर के विकास में मदद काले गेहूं यानि साबुत अनाज में मैंगनीज उच्च मात्रा में पाया जाता है, मैंगनीज स्वस्थ चयापचय, विकास और शरीर के एंटीऑक्सिडेंट सुरक्षा के लिए आवश्यक भूमिका निभाता है। कोलेस्ट्राल को कम करता है काले गेहूं में असंतृप्त वसीय अम्ल और फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है। ऐसे नियमित रूप से काले गेहूं का सेवन तब उपयोगी होता है जब वे रक्त में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के उच्च स्तर पर मौजूद होते हैं। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में प्रभावी साबित होता। काले गेहूं के पौषक तत्व साबुत अनाज में मौजूद पोषण मूल्य कई पके अनाजों की तुलना में काफी अधिक है। कच्चे अनाज की 3.5 औंस (100 ग्राम) में पोषण तथ्य होते हैं.... कैलोरी: 343 पानी: 10% प्रोटीन: 13.3 ग्राम कार्ब्स: 71.5 ग्राम चीनी: 0 ग्राम फाइबर: 10 ग्राम वसा: 3.4 ग्राम कार्बोहाइड्रेट काले गेहूं का उत्पादन काले गेहूं का उत्पादन सबसे ज्यादा रूस, कजाकिस्तान, चीन के अलावा मध्य और पूर्वी यूरोप में, उत्तरी गोलार्ध में मुख्य रूप से इसकी खेती की जाती है। काले गेहूं का उपयोग काले गेहूं का उपयोग अनाज चाय में किया जाता है या इसे ग्रेट्स, आटा और नूडल्स के रूप में प्रयोग किया जाता है। जबकि कई यूरोपीय और एशियाई देशो में पारंपरिक व्यंजनों में मुख्य पदार्थ यानि चावल के रूप में उपयोग किया जाता है।