जीआरपी थानाप्रभारी विजयकांत सत्यार्थी व उनकी टीम की मुस्तैदी ने एक लड़की को उसके परिजनों से मिलाया
मुजफ्फरनगर। जीआरपी थानाप्रभारी विजयकांत सत्यार्थी व उनकी टीम ने एक और मानवता से भरे काम को अंजाम दिया हैं। जिसकी भूरी भूरी प्रशंसा चारो और हो रही हैं तथा वही उच्चाधिकारियों ने भी पूरी टीम की हौसला अफ़जाई की हैं।जी हां आम जनता के लिए पुलिस सदैव कार्यरत है इसका प्रमाण मुजफ्फरनगर जीआरपी थाना पुलिस टीम ने दिया हैं। पुलिस ने एक युवती जो मानसिक रूप सर कमजोर थी अपने घर से भटक कर रेलवे स्टेशन पर आ गई जो प्लेटफार्म नंबर दो बटे तीन पर बनी हुई बेंच पर बैठी हुई थी। उक्त युवती को काफी समय बैठे देख जीआरपी थानाप्रभारी विजयकांत सत्यार्थी को सूचना मिली तो वह स्वंम अपने हैड कांस्टेबल शशि बाला,हैड कांस्टेबल पंकज शर्मा व कॉस्टेबल योगेश कुमार को साथ लेकर युवती के पास पहुंचे और जानकारी करने की कोशिश की। थाना जीआरपी पुलिस उसको थाने ले आई और युवती को खाना खिलाया और उससे शालीनता पूर्वक वह विश्वास में लेकर तसल्ली देते हुए बातचीत की गई तो उसने अपने बारे में वह अपने परिवार के बारे में जानकारी दी जो मुजफ्फरनगर के एक मोहल्ले की रहने वाली थी, जिस पर जीआरपी थाना प्रभारी विजयकांत सत्यार्थी ने अपने अधीनस्थों की देखरेख में उक्त युवती को उसके परिजनों से मिलाने के लिए हैड कांस्टेबल शशिबाला की निगरानी में कॉन्स्टेबल पंकज शर्मा,कांस्टेबल योगेश कुमार वे चालक मनोज कुमार को उक्त युवती के घर पर भेजा और वहां जाकर जानकारी की तो युवती के परिजनों ने बताया कि हमारी बेटी मानसिक रूप से कमजोर है जो बिना बताए कहीं चली गई थी हम लोग काफी चिंतित होकर इसको काफी समय से ढूंढ रहे थे। जिस पर थाना जीआरपी पुलिस टीम ने युवती के परिजनों को बताया कि वह रेलवे स्टेशन पर बैठी हुई थी जिस पर हमें शक हुआ तो हमने उससे पूछताछ की और आपके घर ले आए। देखा जाए तो मुजफ्फरनगर जीआरपी पुलिस की यह मुस्तैदी व तत्परता वह सतर्कता ने एक लड़की को उसके परिजनों से मिलाया तथा युवती के परिजनों को दुख व परेशानी से बचाया। यह वाकई में एक सराहनीय व प्रशंसनीय काम है तथा वही बिछड़ी युवती से मिलकर परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा एवं बिछड़ी हुई युवती परिजनों से मिलकर खुशी के कारण रोने लगी और परिजन व मौजूद लोगों ने जीआरपीए पुलिस की जमकर प्रंशसा की तथा जीआरपी रेलवे के उच्चाधिकारियों ने भी इस नेक कार्य की तारीफ की हैं।